Hearing Held in Sexual Harassment

Sandeep Singh यौन उत्पीड़न मामले में सुनवाई, अगली तारीख 4 अप्रैल तय

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Hearing Held in Sexual Harassment

हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री और पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान संदीप सिंह से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले में शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में सुनवाई हुई।
शिकायतकर्ता जूनियर महिला हॉकी कोच के वकील समीर सेठी के अनुसार पीड़िता का एग्ज़ामिनेशन-इन-चीफ  हुआ जो  आगे के लिए टाल  दिया गया। उन्होंने बताया कि पीड़िता अपने पहले दिए गए बयानों पर कायम है।  वे अदालत से धारा 164 के तहत दर्ज बयान की प्रमाणित प्रति भी प्राप्त करेंगे।
सुनवाई के दौरान पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह भी अदालत में पेश हुए। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 4 अप्रैल के लिए निर्धारित की है।
इससे पहले सत्र न्यायाधीश ने जूनियर महिला कोच की याचिका मंजूर करते हुए मामले को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में स्थानांतरित कर दिया था। महिला कोच ने अपने वकील के माध्यम से सत्र न्यायालय में याचिका दायर कर मामले को ट्रांसफर करने की मांग की थी।
जूनियर महिला कोच ने 26 दिसंबर 2022 को चंडीगढ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 31 दिसंबर 2022 को सेक्टर-26 थाना में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 342, 354, 354ए, 354बी और 506 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
कोच का आरोप है कि मंत्री ने उन्हें अपने सरकारी आवास पर बुलाकर अनुचित व्यवहार किया और कहा, “तुम मुझे खुश रखो, मैं तुम्हें खुश रखूंगा।” आरोप है कि उनकी बात न मानने पर उनका ट्रांसफर कर दिया गया।
वहीं बचाव पक्ष का कहना है कि यह मामला साजिश के तहत दर्ज कराया गया है। संदीप सिंह ने शुरू से ही आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ट्रांसफर से नाराज होकर उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया।
एफआईआर में गलत तरीके से रोकने, छेड़छाड़, कपड़े फाड़ने, आपराधिक धमकी देने और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं। इनमें से कुछ धाराएं जमानती हैं, जबकि धारा 354 और 354बी गैर-जमानती श्रेणी में आती हैं।
ड्रैग-फ्लिकर के रूप में पहचान रखने वाले संदीप सिंह भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रह चुके हैं और वर्ष 2010 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किए गए थे। पहली बार विधायक बनने के बाद उन्हें हरियाणा सरकार में खेल मंत्री बनाया गया था।