सीएम की सुरक्षा में बड़ी चूक: बक्सर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक सस्पेंड, मुजफ्फरपुर किया गया मुख्यालय
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सीएम की सुरक्षा में बड़ी चूक: बक्सर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक सस्पेंड, मुजफ्फरपुर किया गया मुख्यालय

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Major security lapse regarding the CM

बक्सर। Major security lapse regarding the CM, नगर विकास एवं आवास विभाग ने एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए बक्सर नगर परिषद के नगर कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बक्सर आगमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक और लापरवाही बरतने के आरोप में की गई है।

विभागीय अधिसूचना के अनुसार, बीते 23 मई को मुख्यमंत्री का बक्सर के किला मैदान में आगमन होना था। इस दौरान वहां मुख्यमंत्री के हेलीकाप्टर की लैंडिंग नहीं हो सकी।

एडीएम की अध्‍यक्षता में बनी जांच कमेटी 

इस गंभीर मामले को देखते हुए अपर समाहर्त्ता, बक्सर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया गया था।

जांच टीम द्वारा सौंपे गए प्रतिवेदन के आधार पर बक्सर के जिला पदाधिकारी ने एक जून को सरकार को रिपोर्ट भेजी थी। इसमें कुमार ऋत्‍व‍िक कार्रवाई की जद में आ गए। 

जांच रिपोर्ट में उनपर अपने पदीय दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं करने, कर्तव्यहीनता, वरीय पदाधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन करने तथा मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप सही पाए गए।

जिला पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टया इन आरोपों को बेहद गंभीर प्रकृति का माना गया। कार्यपालक अधिकारी का यह कृत्य 'बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976' के नियम-3 (i), (ii) और (iii) के बिल्कुल प्रतिकूल पाया गया।

इसके बाद सम्यक विचारोपरांत 'बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005' के नियम 9 (1) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए सस्पेंड कर दिया गया है।

मुजफ्फरपुर किया गया मुख्यालय, अलग से चलेगी विभागीय कार्रवाई

सरकार के अवर सचिव परमानंद पांडेय द्वारा जारी इस अधिसूचना के मुताबिक, निलंबन की अवधि में कुमार ऋत्विक का मुख्यालय नगर आयुक्त, नगर निगम, मुजफ्फरपुर का कार्यालय निर्धारित किया गया है।

इस अवधि के दौरान उन्हें नियम के तहत केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा। इसके साथ ही विभाग ने स्पष्ट किया है कि उनके विरुद्ध विस्तृत आरोप पत्र (चार्जशीट) और विभागीय कार्रवाई का संकल्प अलग से जारी किया जाएगा।