हसनपुर बीडीओ पर अतिरिक्त खर्च मामले में जवाब तलब

हसनपुर बीडीओ पर अतिरिक्त खर्च मामले में जवाब तलब

Hasanpur BDO summoned for reply

Hasanpur BDO summoned for reply

  1. पीडी डीआरडीए ने तलब किया स्पष्टीकरण, अभी तक नहीं दिया जवाब

  2. संतोषजनक जवाब नहीं देने पर बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की होगी संस्तुति

अमरोहा। हसनपुर ब्लाक क्षेत्र के चार किसानों के व्यक्तिगत कृषि तालाब में अनुमन्य से अधिक धनराशि खर्च किए जाने के मामले की जांच बीडीओ हसनपुर विजय सक्सेना द्वारा की जा रही है। लेकिन, इसमें उल्टे ही वह फंस गए हैं। पहली जांच में उन्होंने अधिकारियों को जो शपथ पत्र दिए हैं, उनको दोबारा की गई जांच में बदल दिया है।

जांच रिपोर्ट का अवलोकन कर अफसर सन्न हैं। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पीडी डीआरडीए अम्बरीश कुमार ने उनका जवाब तलब किया है लेकिन, अभी तक उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। जल्द ही जवाब नहीं देने पर पीडी ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने की बात कही है।

मनरेगा योजना के तहत हसनपुर ब्लाक के तत्कालीन बीडीओ ने चार लोगों के व्यक्तिगत कृषि तालाब खोदवाए थे। इसमें गलसुआ गांव निवासी अबरार के खेत में कृषि तालाब (फार्म पाण्ड) निर्माण कार्य पर 387490, फुरकान के खेत में तालाब निर्माण कार्य पर 365553, इस्तेकार के खेत में तालाब निर्माण कार्य पर 261648, ढक्का गांव में हरीश के खेत में तालाब निर्माण पर 373426 रुपये खर्च किए थे, जबकि प्रत्येक कृषि तालाब के लिए अनुमन्य धनराशि दो-दो लाख रुपये थी।

आठ लाख रुपये में चारों तालाब खोदे जाने थे लेकिन, 13,88,117 लाख खर्च कर दिए। 5,88,117 रुपये कार्यों पर अधिक व्यय किए गए। इसकी जांच मौजूदा हसनपुर बीडीओ द्वारा की जा रही है। पहले जांच कर रिपोर्ट उन्होंने पीडी डीआरडीए को भेजी थी लेकिन, संतोषजनक रिपोर्ट न होने पर पीडी ने उसको वापस लौटा दिया था। इसके बाद बीडीओ ने दोबारा जांच रिपोर्ट उनको भेजी है।

इसके अवलोकन के दौरान पता चला कि पहली जांच में शपथ पत्र अलग थे और दूसरी में अलग लगाए गए हैं। इसमें तत्कालीन बीडीओ को बचाने के प्रयास किए गए हैं। अनुमन्य से अधिक धनराशि खर्च करना बड़ा मामला है। इसलिए पीडी डीआरडीए ने हसनपुर बीडीओ का स्पष्टीकरण मांगा है। नहीं देने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की बात कही है।

 

पहली जांच में लगाए गए शपथ पत्र दूसरी में बीडीओ हसनपुर ने बदल दिए हैं। ऐसा क्यों, उनके द्वारा किया गया है। जवाब मांगा गया है। यदि स्पष्टीकरण नहीं देंगे तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।

- अम्बरीश कुमार, पीडी डीआरडीए