रेसलर विनेश केस में WFI को सुप्रीम कोर्ट से झटका:याचिका खारिज की; कोर्ट ने कहा- सभी मुद्दे अभी खुले
Setback for WFI from Supreme Court in Wrestlers
Setback for WFI from Supreme Court in Wrestlers, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को भारतीय रेसलर विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) मामले में रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) की याचिका को खारिज कर दिया है. डब्ल्यूएफआई ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स 2026 के सिलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने की इजाजत देने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उनके अंतरिम आदेश के तहत विनेश फोगाट ने एशियन गेम्स 2026 के सिलेक्शन ट्रायल में हिस्सा ले लिया है. ऐसे में अब आगे की सुनवाई का कोई आधार नहीं बनता. पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में भाग लेने की इजाजत दे दी थी. हालांकि ट्रायल के दौरान विनेश एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई करने में नाकाम रहीं.
विनेश को 53 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में मीनाक्षी गोयत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा. मीनाक्षी ने विनेश को 6-4 से हराते हुए उनके एशियन गेम्स में हिस्सा लेने के सपने को तोड़ा. हालांकि विनेश ने कहा कि वह हार नहीं मानेंगी और जल्द ही जोरदार वापसी करेंगी. डब्ल्यूएफआई ने विनेश को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 4 सवालों के जवाब मांगे थे.
डब्ल्यूएफआई ने विनेश पर अनुशासनहीनता और डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था. इसके साथ ही 26 जून तक उनके किसी भी घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा लेने तक पर रोक लगा थी. विनेश इसके चलते नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकी थीं. रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया का कहना था कि विनेश के खिलाफ वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) के नियम 5.6.1 के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही और इसी कारण वह ट्रायल में हिस्सा नहीं ले सकती हैं.
डब्ल्यूएफआई के फैसले के बाद विनेश ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और इस मामले में दखल देने की अपील की थी. इसके बाद हाईकोर्ट ने विनेश को बड़ी राहत देते हुए उन्हें एशियन गेम्स के ट्रायल में हिस्सा लेने की इजाजत दे दी थी. हाई कोर्ट ने डब्ल्यूएफआई को नोटिस भेजने के लिए फटकार भी लगाई थी.