Haryana Wheat Procurement Gets Relief

हरियाणा में गेहूं खरीद नियमों में बड़ी राहत, अब 70% तक चमकहीन अनाज भी खरीदा जाएगा

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Haryana Wheat Procurement Gets Relief

Haryana में गेहूं खरीद को लेकर केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। अब सरकारी एजेंसियां ऐसे गेहूं की भी खरीद करेंगी, जिनके दानों की चमक बरसात के कारण कम हो गई है। नए नियमों के तहत 70 प्रतिशत तक लस्टर लॉस (चमकहीन) गेहूं को खरीदने की अनुमति दी गई है।

इसके साथ ही छोटे, सिकुड़े और टूटे हुए दानों की सीमा भी बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी गई है, जो पहले केवल 6 प्रतिशत थी। हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त दानों की कुल मात्रा 6 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह छूट केवल रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए लागू होगी।

Ministry of Consumer Affairs, Food and Public Distribution के संयुक्त आयुक्त Vishwajeet Haider ने हरियाणा सरकार और संबंधित एजेंसियों को पत्र जारी कर इन संशोधित मानकों के तहत खरीद की अनुमति दी है। यह निर्णय राज्य सरकार के अनुरोध पर लिया गया, जिसमें असमय बारिश से फसल को हुए नुकसान का हवाला दिया गया था।

सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि छूट के तहत खरीदे गए गेहूं को अलग ढेर में रखा जाएगा और उसका अलग रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। साथ ही, ऐसे गेहूं के भंडारण और निपटान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य के Fatehabad, Hisar, Kurukshetra और Sirsa जिलों में बारिश के कारण फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। Harsh Girdhar के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में 40% तक फसल लस्टर लॉस से प्रभावित हुई, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में दिक्कत आ रही थी। अब इस राहत से खरीद प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।