Haryana Advances Digital Justice

हरियाणा में न्यायिक प्रक्रिया हुई हाईटेक, ई-चार्जशीट स्वीकार्यता 90% के पार

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हरियाणा में न्यायिक और पुलिस प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण को बड़ी सफलता मिली है। अब सभी न्यायालय कोर्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम (सीआईएस) के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक समन जारी कर रहे हैं, जिससे कागजरहित न्याय व्यवस्था को बढ़ावा मिला है। पुलिस और न्यायालय प्रणालियों के एकीकरण के कारण नए आपराधिक कानूनों के तहत ई-चार्जशीट की स्वीकार्यता 90 प्रतिशत से अधिक हो गई है।

यह जानकारी सोमवार को मुख्य सचिव Anurag Rastogi की अध्यक्षता में आयोजित राज्यस्तरीय बैठक में दी गई।

बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक Ajay Singhal ने बताया कि हरियाणा 7 जून 2026 से राष्ट्रीय नए आपराधिक कानून डैशबोर्ड पर प्रथम स्थान पर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आईसीजेएस 2.0 को और मजबूत करने के लिए 34 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

बैठक में यह भी बताया गया कि हरियाणा पुलिस नागरिक केंद्रित सेवाओं के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है। हरसमय पोर्टल के माध्यम से राइट टू सर्विस (आरटीएस) डैशबोर्ड पर पुलिस विभाग को 10 में से 10 अंक प्राप्त हुए हैं।

अधिकारियों के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर 88.84 लाख से अधिक नागरिक आवेदनों का निपटान किया गया है, जिसके चलते हरियाणा पुलिस राज्य के सर्वश्रेष्ठ सार्वजनिक सेवा प्रदाता विभागों में शामिल हो गई है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने विभाग के प्रदर्शन की सराहना करते हुए सभी संबंधित विभागों और हितधारकों को इस गति को बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा पुलिसिंग, जांच और न्याय वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाने के लिए तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल से न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।