Haryana: Accused arrested for forcing 15-year-old boy into bonded labour
BREAKING
हरियाणा के स्कूलों में सर्दी की छुट्टियां बढ़ीं; भीषण ठंड के चलते शिक्षा विभाग का फैसला, सभी सरकारी-प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे, पढ़िए चंडीगढ़ में महिलाओं को हिप्नोटाइज कर लूट-पाट करते; पुलिस ने 5 शातिर दबोचे, बातों में फंसाकर सोने के गहने और नकदी लूट लेते थे पंजाब में स्कूलों का समय बदला; जबरदस्त ठंड और शीतलहर के चलते फैसला, 21 जनवरी तक लागू रहेगी यह नई टाइमिंग, पढ़िए 'पापा बहुत बड़े कर्जे में हैं'..; वोट डालकर लौट रहे अक्षय कुमार से लड़की ने लगाई मदद की गुहार, फिर अक्षय ने जो किया, वो देखिए IPS शत्रुजीत कपूर को ITBP चीफ बनाया गया; हरियाणा के चर्चित DGP रहे, अब संभालेंगे भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की कमान

हरियाणा: 15 वर्षीय लड़के से बंधुआ मजदूरी कराने के आरोप में आरोपी गिरफ्तार

undefined

Haryana: Accused arrested for forcing 15-year-old boy into bonded labour

हरियाणा में 15 वर्षीय एक लड़के को बंधुआ मजदूरी के लिए मजबूर करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी Haryana Police ने शुक्रवार को दी।

पुलिस के अनुसार, बिहार के Kishanganj जिले का रहने वाला यह नाबालिग पिछले साल Bahadurgarh Railway Station पर अपने साथियों से कथित तौर पर बिछड़ गया था। इसके बाद बच्चे से मिले एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे एक डेयरी फार्म में ले जाकर बंधुआ मजदूरी कराने के लिए मजबूर किया। इसी दौरान मशीन से चारा काटते समय बच्चे को गंभीर चोटें भी आईं।

गंभीर रूप से घायल अवस्था में बच्चा किसी तरह Nuh पहुंचने में सफल रहा, जहां उसकी मुलाकात एक शिक्षक से हुई। शिक्षक ने उसे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया और पुलिस को सूचना दी। अगस्त में मामला सामने आने के बाद पुलिस ने Child Labour (Prohibition and Regulation) Act समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत त्वरित कार्रवाई शुरू की।

हरियाणा पुलिस ने बताया कि चार महीने तक चली निरंतर और गहन जांच तथा तकनीकी निगरानी के बाद Haryana Government Railway Police ने आरोपी अनिल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के एक बयान में कहा गया, “घटना के समय बच्चा मानसिक आघात से ग्रस्त था और अपने या आरोपी के बारे में स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ था, जिससे जांच चुनौतीपूर्ण हो गई।”

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे पुलिस अधीक्षक Nikita Gehlot के नेतृत्व में साइबर विशेषज्ञों और कई जिलों के अनुभवी अधिकारियों को शामिल कर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान National Human Rights Commission ने निर्देश दिया कि बच्चे का बयान विशेष विशेषज्ञों की देखरेख में दोबारा दर्ज किया जाए।

पुलिस के अनुसार, आरोपी अनिल को Gautam Buddh Nagar (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया, जहां वह एक डेयरी में काम कर रहा था और पकड़े जाने से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।