ग्रेटर नोएडा: इमेज एआई से एक्सरे, सीटी और एमआरआई रिपोर्ट मिनटों में तैयार

ग्रेटर नोएडा: इमेज एआई से एक्सरे, सीटी और एमआरआई रिपोर्ट मिनटों में तैयार

Greater Noida: Image AI generates X-ray

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ग्रेटर नोएडा। अभी तक इमरजेंसी या ट्रामा के आने वाले मरीजों की एक्सरे, सीटी और एमआरआई रिपोर्ट में लगने वाले समय में बचत करने का समाधान इजियोफाई साॅल्युशन कंपनी ने ढूंढ निकाला है। इसे इमेज एआई नाम दिया गया है।

यह आईआईटी दिल्ली के साथ ही राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में क्लीनिकल ट्रायल के इंक्यूबेट किया गया है। इसका उपयोग जिम्स में पिछले दो वर्षों से किया जा रहा है और रिजल्ट बेहतर मिल रहे हैं।

इसे दिल्ली में आयोजित एआई समिट में आईआईटी दिल्ली और माइक्रोसाफ्ट उन्नति की ओर से प्रदर्शित किया गया। माइक्रोसॉफ्ट नामक कम्पनी के सह संस्थापक तथा अध्यक्ष बिल गेट्स ने भी इसमें रुचि  दिखाई है।

मिनटों में बन रही रिपोर्ट

कंपनी की सदस्य नूर फातिमा ने बताया कि यह एआई साॅफ्टवेयर इमेज एआई की मदद से रोजाना अस्पतालों में होने वाले हजारों एक्सरे, सीटी और एमआरआई की रिपोर्ट बहुत कम समय में देता है। इससे मरीजों और डाॅक्टर दोनों को राहत मिलती है।

अभी तक इनकी रिपोर्ट तैयार होने में एक से दो दिन का समय लगता था, लेकिन जब से एआई इमेज साॅफ्टवेयर का उपयोग कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, तो कुछ ही समय में रिपोर्ट मिल जा रही है। इससे इमरजेंसी वाले मरीजों को डाॅक्टर की टीम जल्दी देखकर उन्हें समय पर उपचार देकर जान बचाने का काम कर रही है।

इमरजेंसी के अनुसार छांट रहा मरीज

उन्होंने बताया कि एक्सरे, सीटी और एमआरआई होने के बाद मरीज का डेटा उनके सिस्टम पर भेजा जाता है। सिस्टम पर डेटा आते ही 10 सेकंड में एक्सरे की रिपोर्ट दे देता है और सीटी व एमआरआई का डेटा सिस्टम पर आते ही दो मिनट में रिपोर्ट बना देता है। रिपोर्ट देने के साथ ही सामान्य मरीजों की सूची को अलग कर देता है और इमरजेंसी के मरीजों को हाइलाइट करके अलग कर देता है।

डॉक्टर्स को मिली राहत

साथ ही, इमरजेंसी के मरीज जैसे ट्रामा, ब्रेन स्ट्रोक आदि के मरीजों की रिपोर्ट तैयार करने के साथ ही जहां पर समस्या होती है वहां पर रेड लाइन बना देता है। इससे जो भी रेडियोलाजिस्ट या फिजिशियन मरीज को देख रहा होता है, उसे काफी सहयोग मिल जाता है। जिम्स में इसके उपयोग किए जाने से डाॅक्टर की टीम और मरीजों को भी बड़ी राहत मिल रही है।

12 प्रदेश में हो रहा उपयोग

इस एआई साफ्टवेयर इमेज एआई का उपयोग अभी तक भारत के 12 प्रदेशों में किया जा रहा हैं। इन प्रदेशों के अधिकतर सरकारी अस्पतालों में उपयोग कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके अलावा गुजरात में इस सिस्टम का उपयोग कर टीबी की स्क्रीनिंग भी की जा रही है। अभी तक इसकी मदद से गुजरात में 50 हजार लोगों की टीबी की स्क्रीनिंग की गई हैं। इसमें से तीन हजार लोगों में टीबी की पुष्टि की गई और उनका डाक्टरों की देखरेख में उपचार चल रहा है।

कैंसर उपचार और सर्जरी का प्लान करता है तैयार

साफ्टवेयर की मदद से कैंसर के उपचार की प्लानिंग भी तैयार की जाती है। इसकी मदद से रेडियोथेरेपी का प्लान मात्र 10 मिनट में तैयार कर लिया जाता है। सामान्य तौर पर प्लान बनाने में दो से तीन महीने का समय लगता है। वहीं सर्जरी प्लानिंग में सहयोग करता है। इसकी मदद से सर्जरी से पहले तैयार की जाने वाली रिपोर्ट को तैयार करता है और डाॅक्टर को जिस स्थान पर समस्या होती है उसे इंगित कर देता है।

यह रिपोर्ट थ्री-डी में तैयार करता है। इससे डाॅक्टरों की टीम को सहयोग मिलता है। इसे तैयार करने वाली टीम में नूर फातिमा, मीनल गुप्ता और शीतल शामिल हैं। इस पर बिल गेट्स ने मुलाकात कर सहयोग करने की बात कही। अभी तक यह बेंगलुरु स्थित केएलई बेलगाम में किया गया है। माइक्रोसाफ्ट ने सीएसआर के तहत समर्थन दे रखा है।

"बिग गेट्स ने मुलाकात कर एआई साफ्टवेयर में सहयोग करने की इच्छा जाहिर की है और भारत के बाहर अन्य देशों में भी इसके उपयोग पर सहयोग करने का समर्थन दिए जाने की बात कही है।"

-नूर फातिमा, कंपनी सदस्य

"हम इस स्टार्टअप पर गर्व महसूस करते हैं। पिछले दो वर्षों से हमारे साथ जुड़ा हुआ है। इसका समाधान स्वास्थ्य क्षेत्र में वैश्विक प्रभाव डालने की क्षमता रखता है। माइक्रोसाफ्ट उन्नति एआई प्रोगम के हिस्से के रूप में बिल गेट्स से मिलने का मौका मिला।"

-डाॅ. राहुल सिंह, सीईओ जिम्स सीएमई