अंबाला में वीर महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा का अनावरण, अनिल विज बोले- यह केवल मूर्ति नहीं, देशभक्ति की मशाल है

अंबाला में वीर महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा का अनावरण, अनिल विज बोले- यह केवल मूर्ति नहीं, देशभक्ति की मशाल है

Grand Statue of the Valiant Maharana Pratap Unveiled in Ambala

Grand Statue of the Valiant Maharana Pratap Unveiled in Ambala

अंबाला। Grand Statue of the Valiant Maharana Pratap Unveiled in Ambala, हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज सदर बाजार के मुख्य चौराहे पर वीर महाराणा प्रताप जी की केवल मूर्ति नहीं लगाई, बल्कि यहां सदा जलते रहने वाली एक मशाल जला दी है जो यहां से गुजरने वाले हर व्यक्ति को देशभक्ति व स्वाभिमान की सदा याद दिलाती रहेगी।

अनिल विज आज अंबाला छावनी सदर बाजार चौराहे पर वीर महाराणा प्रताप की मूर्ति के अनावरण के बाद आपार जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने महाराणा प्रताप के जयकारे लगाते हुए कहा कि “चढ़ चेतक पर तलवार उठा, रखता था भूतल पानी को, राणा प्रताप सिर काट-काट, करता था सफल जवानी को”।

नहीं झुकाया विदेशी अक्रांता के सामने अपना सिर

उन्होंने कहा कि आज मेरी जिह्वा धन्य हो गई है कि उन्हें उस महामानव हिंद केसरी महाराणा प्रताप के बारे में बोलने का अवसर मिल रहा है जिसका नाम लेते ही शिराओं में रक्त का संचार तीव्र हो जाता है। वह नाम, जिसने महलों के वैभव को ठुकरा कर जंगलों की खाक छानना स्वीकार किया, लेकिन किसी भी विदेशी आक्रांता के आगे अपना मस्तक झुकाना स्वीकार नहीं किया।

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ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए एक मूर्ति के अनावरण का दिन नहीं, बल्कि यह उस शौर्य, स्वाभिमान और अदम्य साहस के पुनर्जागरण का दिन है जिसने सदियों तक भारत की अस्मिता को बचाए रखा।

जब हम मेवाड़ केसरी महाराणा प्रताप का नाम लेते हैं तो रगों में दौड़ रक्त उबाल मारने लगता है। उन्होंने कहा आज इस चौक पर स्थापित मूर्ति केवल पत्थर या धातु की संरचना नहीं है, यह जीवंत प्रेरणा है उन आंखों के लिए जो सपने देखती है और उन हाथों में लिए जो अन्याय के खिलाफ उठते हैं।

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मूर्ति का वजन 16 क्विंटल

 गौरतलब है कि ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अपने स्वैच्छिक कोष से 50 लाख रुपए की राशि महाराणा प्रताप की मूर्ति स्थापना के लिए प्रदान किए थे। मूर्ति साढ़े 12 फुट ऊंची, 16 क्विंटल वजनी है जोकि पंच धातु से निर्मित है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जयपुर से आए मूर्तिकार महावीर भारती को पगड़ी पहनाकर सम्मानित भी किया।

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि हमें किताबों में पढ़ाया गया कि अकबर महान था परंतु अकबर तो गुलामी की चाशनी में डूबी हुई लेखनी लिखती थी, महान अकबर नहीं महान महाराणा प्रताप है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इतिहास की उन तमाम किताबों को फाड़ डालों जिनपर अकबर महान लिखा है और अपने खून की स्याही से जगह-जगह महाराणा प्रताप महान लिख दो।

उन्होंने कहा अम्बाला में स्थापित मूर्ति पर भी महाराणा प्रताप ग्रेट लिखा गया है। आजादी के बाद जो सरकार आई वह गुलामी की मानसिकता में डूबी रहीं और अकबर महान लिखती रही। मगर आज के बाद महाराणा प्रताप ग्रेट लिखा जाएगा।

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