फ्री राशन पर सरकार करने जा रही बड़ा बदलाव, फर्जी कार्ड पर हथौड़ा; डीलरों के लिए गुड न्यूज

फ्री राशन पर सरकार करने जा रही बड़ा बदलाव, फर्जी कार्ड पर हथौड़ा; डीलरों के लिए गुड न्यूज

Free Ration Scheme

Free Ration Scheme

नई दिल्ली: Free Ration Scheme: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने देश की खाद्य सुरक्षा प्रणाली को पूरी तरह हाईटेक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए 'सार्थक-पीडीएस' योजना को मंजूरी दे दी है. केंद्र सरकार ने इस महत्वाकांक्षी छाता (अम्ब्रेला) योजना के लिए 25,530 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है. यह योजना आगामी 5 वर्षों (31 मार्च, 2031 तक) के लिए प्रभावी होगी, जो 16वें वित्त आयोग के चक्र के अनुरूप है.

दो प्रमुख योजनाओं का एकीकरण

सार्थक-पीडीएस (Scheme for Assistance in Ration Transport and Handling-Income with Automation in PDS) के तहत दो बड़ी मौजूदा योजनाओं का विलय किया गया है. इसमें "राज्यों को खाद्यान्न के अंतःराज्यीय परिवहन व राशन डीलरों के मार्जिन के लिए सहायता" और "स्मार्ट पीडीएस (SMART PDS)" शामिल हैं. इस एकीकरण से देश के राशन वितरण ढांचे को प्रशासनिक और तकनीकी रूप से एक समान मंच पर लाया जा सकेगा.

राशन डीलरों को सहायता और नई दरें

कैबिनेट के फैसले के अनुसार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अनाज के परिवहन, रखरखाव और फेयर प्राइस शॉप (FPS) डीलरों के कमीशन पर होने वाले खर्च के लिए केंद्रीय सहायता के नियमों में व्यापक संशोधन किया गया है. केंद्र सरकार इसके मौजूदा फंडिंग पैटर्न को जारी रखेगी, जिससे राशन डीलरों की आय सुरक्षित होगी और अंतिम छोर तक अनाज की आपूर्ति बिना किसी बाधा के सुनिश्चित हो सकेगी.

एआई और ब्लॉकचेन से रुकेगी कालाबाजारी

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य आधुनिक तकनीकों के जरिए राशन प्रणाली की खामियों और लीकेज को खत्म करना है. नई व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) और ब्लॉकचेन तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा.

  • कमांड कंट्रोल सेंटर: रीयल-टाइम डेटा की निगरानी के लिए राज्यों में विशेष कमांड सेंटर स्थापित होंगे.
  • पारदर्शिता: ब्लॉकचेन की मदद से अनाज के उठान से लेकर वितरण तक की रीयल-टाइम ट्रैकिंग होगी.
  • स्मार्ट शिकायत प्रणाली: उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एआई-संचालित शिकायत निवारण सिस्टम काम करेगा.

81.35 करोड़ लाभार्थियों को लाभइस डिजिटल कायाकल्प से देश के 81.35 करोड़ एनएफएसए लाभार्थियों को सीधे तौर पर गरिमापूर्ण और पारदर्शी तरीके से पोषण सुरक्षा मिलेगी. पिछले एक दशक में डिजिटल राशन कार्ड, आधार सीडिंग और ई-पॉश (e-PoS) मशीनों के सफल क्रियान्वयन के बाद, अब 'सार्थक-पीडीएस' भारत की राशन व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर सबसे उन्नत और सुरक्षित नेटवर्क में बदल देगा.