फ्लाइट में 60% फ्री सीट का नियम फिलहाल टला, यात्रियों को सीट चुनने के लिए देना होगा अतिरिक्त शुल्क
- By Gaurav --
- Friday, 03 Apr, 2026
Government postpones rule for 60% free airline seats
देश के करोड़ों हवाई यात्रियों के लिए निराशाजनक खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने एयरलाइंस को विमान की कम से कम 60% सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराने वाले प्रस्तावित नियम को फिलहाल स्थगित कर दिया है।
Ministry of Civil Aviation (MoCA) ने इस नियम पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है, जिसके बाद विमानन कंपनियों ने राहत की सांस ली है।
क्या था 60% फ्री सीट का नियम?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हाल ही में एक प्रस्ताव जारी किया था, जिसके तहत एयरलाइंस को फ्लाइट की कुल सीटों में से कम से कम 60 प्रतिशत सीटें ऐसी रखनी थीं जिन्हें यात्री वेब चेक-इन के दौरान बिना किसी ‘सीट सिलेक्शन फीस’ के चुन सकें।
इसका उद्देश्य हवाई यात्रा को अधिक किफायती बनाना और यात्रियों पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क को कम करना था।
एयरलाइंस कंपनियों का विरोध
नियम लागू होने की घोषणा के बाद विमानन कंपनियों के बीच चिंता बढ़ गई थी। Federation of Indian Airlines (FIA) ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया। इस संगठन में IndiGo, Air India, SpiceJet और Akasa Air जैसी प्रमुख एयरलाइंस शामिल हैं।
एयरलाइंस का कहना है कि टिकट की कीमतें पहले से ही प्रतिस्पर्धा के कारण कम हैं और सीट सिलेक्शन फीस उनकी आय का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में इस नियम से कंपनियों को आर्थिक नुकसान हो सकता है।
आम यात्रियों पर असर
सरकार द्वारा नियम पर रोक लगाने का सीधा असर यात्रियों पर पड़ेगा। अब यात्रियों को अपनी पसंद की सीट—जैसे विंडो सीट या एक्स्ट्रा लेगरूम सीट—चुनने के लिए पहले की तरह अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
वेब चेक-इन के दौरान मिलने वाली मुफ्त सीटों की संख्या अब फिर से संबंधित एयरलाइंस की नीतियों पर निर्भर करेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार सरकार इस नियम पर आगे व्यापक चर्चा के बाद नया फैसला ले सकती है।