हिमाचल में विजिलेंस अब RTI के दायरे से बाहर: सरकार ने जारी की अधिसूचना, गोपनीयता और पारदर्शिता पर छिड़ी बहस
Government issues notification, sparking debate on confidentiality and transparency
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य सतर्कता व भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी विजिलेंस को सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के दायरे से बाहर कर दिया है। इस संबंध में कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने 12 मार्च को अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 24(4) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सतर्कता व भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को आरटीआइ के दायरे से बाहर करने का निर्णय लिया है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। अधिसूचना में कहा गया है कि अब विजिलेंस ब्यूरो से संबंधित सूचनाएं आरटीआइ के माध्यम से प्राप्त नहीं की जा सकेंगी। इस निर्णय से विजिलेंस की जांच प्रक्रिया को गोपनीय रखने में मदद मिल सकती है, लेकिन पारदर्शिता को लेकर बहस भी तेज हो सकती है।
क्यों लिया गया निर्णय
सूचना का अधिकार से बाहर किए जाने को लेकर यह कहा जा रहा है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच के दौरान कई संवेदनशील जानकारियां होती हैं, जिनके सार्वजनिक होने से जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए जांच एजेंसियों को आरटीआइ से बाहर रखने का प्रविधान कानून में पहले से मौजूद है।
हालांकि अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार भ्रष्टाचार या मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े मामलों में सूचना देने से पूरी तरह छूट नहीं होगी। ऐसे मामलों में सीमित जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है।
क्या है आरटीआई अधिनियम की धारा 24
धारा 24 के तहत कुछ खुफिया और जांच एजेंसियों को आरटीआई से बाहर रखा जा सकता है।
केंद्र और राज्य सरकारें अधिसूचना जारी कर ऐसी एजेंसियों को सूची में शामिल कर सकती हैं।
हालांकि भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े मामलों में जानकारी देने से पूरी छूट नहीं होती।