यूपी में श्रमिकों की बल्ले-बल्ले: गाजियाबाद-नोएडा में ₹3288 तक बढ़ी मजदूरी, जानें अपने शहर का नया रेट
Good News for Workers in UP
गाजियाबाद-गौतमबुद्धनगर में कुशल श्रमिकों को 3288 रुपये अधिक मिलेंगे।
अन्य जिलों में श्रमिकों की मजदूरी में कम से कम 1335 रुपये की वृद्धि।
प्रदेश के जिलों को तीन श्रेणियों में बांटकर नई दरें तय।
लखनऊ। Good News for Workers in UP, राज्य सरकार द्वारा सोमवार को मजदूरी बढ़ाए जाने की घोषणा के बाद गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर के कुशल श्रमिकों को मार्च की तुलना में अब 3288 रुपये प्रतिमाह ज्यादा मिला करेंगे।
प्रदेश के अन्य नगर निगमों व जिलों में कार्यरत श्रमिकों की भी मजदूरी कम से कम 1335 रुपये बढ़ेगी।
औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति ने अब प्रदेशभर के जिलों को तीन श्रेणियों में बांटते हुए अकुशल, अर्धकुशल व कुशल श्रमिकों के लिए मूल वेतन व महंगाई भत्ते सहित मजदूरी तय की है।
ऐसे में अब कुल नौ तरह की मासिक अंतरिम दरें निर्धारित की गईं हैं। गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर जिले की फैक्ट्री में कार्यरत श्रमिकों की अब जहां सबसे अधिक मजदूरी मिलेगी वहीं राज्य के लखनऊ सहित अन्य 16 नगर निगमों वाले जिलों में उससे लगभग पांच प्रतिशत कम जबकि शेष 57 जिलों में और पांच प्रतिशत कम रखते हुए मजदूरी तय की गई है।
गौरतलब है कि मार्च तक प्रदेशभर में एक समान मजदूरी तय थी। इसमें अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम 11,021 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों की 12,123 रुपये और कुशल श्रमिकों की 13,580 रुपये मासिक मजदूरी थी।
श्रम विभाग ने एक अप्रैल से महंगाई भत्ता जोड़ते हुए 292 से 360 रुपये की बढ़ोतरी करते हुए अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 11,313 रुपये, अर्द्धकुशल की 12,445 रुपये और कुशल श्रमिकों की 13,940 रुपये तय की थी।
नोएडा में उग्र प्रदर्शन के बाद सरकार द्वारा गठित समिति द्वारा नए सिरे से तय की गईं अंतरिम दरों से गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद के अकुशल श्रमिकों के वेतन में 2669 रुपये, अर्द्धकुशल में 2936 रुपये और कुशल श्रमिकों के वेतन में मार्च की तुलना में 3288 रुपये की अप्रैल से बढ़ोतरी हो जाएगी।
लखनऊ सहित अन्य नगर निगम वाले जिलों में अकुशल श्रमिकों के वेतन में 1985 रुपये, अर्द्धकुशल में 2183 रुपये और कुशल श्रमिकों में 2445 रुपये की वृद्धि होगी।
इसी तरह शेष जिलों में अकुशल श्रमिकों का वेतन 1335 रुपये, अर्द्धकुशल का 1468 रुपये और कुशल श्रमिकों का 1644 रुपये बढ़ जाएगा।
ऐसे में अब गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर के अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 13,690 रुपये, अर्द्धकुशल की 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों की 16,868 रुपये होगी। अन्य नगर निगम वाले जिलों के श्रमिकों की मार्च से लगभग 15 प्रतिशत और शेष जिलों के श्रमिकों की करीब 10 प्रतिशत तक की बढ़ जाएगी।
एक अप्रैल से प्रभावी मजदूरी (रुपये में)
गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद में
| श्रेणी | मूल वेतन | महंगाई भत्ता | कुल मजदूरी |
|---|---|---|---|
| अकुशल | 12,885 | 805 | 13,690 |
| अर्द्धकुशल | 14,173 | 886 | 15,059 |
| कुशल | 15,876 | 992 | 16,868 |
लखनऊ सहित 16 नगर निगम वाले जिलों में-
(अलीगढ़, आगरा, कानपुर, गोरखपुर, झांसी, बरेली, मेरठ, मुरादाबाद, लखनऊ, वाराणसी, सहारनपुर, फिरोजाबाद, मथुरा- वृंदावन, अयोध्या, शाहजहांपुर में बढ़ाई गईं दरें)
| श्रेणी | मूल वेतन | महंगाई भत्ता | कुल मजदूरी |
|---|---|---|---|
| अकुशल | 12,241 | 765 | 13,006 |
| अर्द्धकुशल | 13,464 | 842 | 14,306 |
| कुशल | 15,082 | 943 | 16,025 |
शेष 57 जिलों में-
| श्रेणी | मूल वेतन | महंगाई भत्ता | कुल मजदूरी |
|---|---|---|---|
| अकुशल | 11,629 | 727 | 12,356 |
| अर्द्धकुशल | 12,791 | 799 | 13,591 |
| कुशल | 14,328 | 896 | 15,224 |
ईंट भट्टा उद्योग के श्रमिकों की मजदूरी
- पथेरा (ईंट बनाने वाले मजदूर) को प्रति हजार ईंट पर 719 रुपये मिलेंगे।
- भराई करने वाले मजदूरों को प्रति हजार ईंट पर 217 से 260 रुपये तक मजदूरी दी जाएगी।
- वहीं, निकासी (ईंट निकालने) का काम करने वालों को प्रति हजार ईंट पर 217 रुपये मिलेंगे।