बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार का कहर, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार का कहर, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

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Four people from the same family died due to high speed

बांदा। यातायात नियमों का पुलिस की ओर से पाठ पढ़ाए जाने के बाद भी वाहनों की रफ्तार बेकाबू बनी रहती है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हथौरा गांव के पास जिस समय हादसा हुआ, स्कॉर्पियो की रफ्तार काफी तेज थी। तेज रफ्तार एक ही परिवार के चार सदस्यों के लिए काल बन गई, जबकि उनकी घर की बेटिया अभी जीवन व मौत के बीच संघर्ष कर रही है।

रफ्तार नियंत्रित होती तो हादसा होने से बच जाता। चार जिंदगियां काल के गाल में न समातीं। हादसे के मंजर ने देखने वालों के दिल को झकझोर कर रख दिया। देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए। बिलखते स्वजन घटनास्थल पहुंचे। जहां स्वजन के बीच चीख पुकार मची रही। हादसे के बाद स्वजन की सिसकियां हर जगह सुनाईं पड़ीं। उनके आंसू नहीं थम रहे हैं।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के चैनेज नंबर 47.8 में जिस समय हादसा हुआ। स्कार्पियो की रफ्तार काफी तेज थी। जोकि एक ही परिवार के चार लोगों के लिए काल बन गई। दिवंगत हुए अजीत के चाचा श्याम नारायण व अन्य स्वजन ने बताया कि उन्हें परिवार के पैतृक गांव आजमगढ़ जिले के ग्राम रामगढ़े से आने की पहले से जानकारी थी।

इसलिए स्वजन ने अजीत को फोन किया। फोन पर पुलिस ने बात कर घटना होने की जानकारी दी। इससे वह जिस हालत में थे। उसी तरह घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं। स्वजन के शवों को देखकर वह सिहर उठे। किसी ने सपने में नहीं सोचा था कि परिवार पर इस तरह दुख का पहाड़ टूटेगा। जिसको वह जीवन भर नहीं भूल पाएंगें। हादसे को लेकर घटनास्थल पर उपस्थित लोगों में भी गमगीन स्थिति रही।

कई थानों का लगा रहा पुलिस बल

बड़े हादसे की जानकारी होते ही पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एएसपी शिवराज, समेत देहात कोतवाली प्रभारी चंद्र प्रकाश तिवारी, मटौंध थाना प्रभारी दीपेंद्र सिंह व शहर कोतवाली का पुलिस बल घटनास्थल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस व जिला अस्पताल हर जगह लगा रहा। जिससे स्वजन व उनके गांव के लोग किसी तरह से आक्रोश के चलते अव्यवस्था न कर सके।