8 साल के संघर्ष के बाद बलटाना–रायपुर कलां रेलवे अंडरपास परियोजना का शिलान्यास
Foundation Stone Laid for
बलटाना–रायपुर कलां क्षेत्र के लोगों के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब लंबे समय से लंबित रेलवे अंडरपास (रोड अंडर ब्रिज) परियोजना का विधिवत शिलान्यास किया गया। अंबाला–चंडीगढ़ रेल सेक्शन पर एल.सी. नंबर 123 (स्पेशल) के स्थान पर बनने वाला यह अंडरपास क्षेत्र में जाम, दुर्घटनाओं और यातायात बाधाओं की समस्या को काफी हद तक कम करेगा।
शिलान्यास समारोह में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक तथा केंद्रीय रेल राज्य मंत्री विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान सांसद मनीष तिवारी सहित कई गणमान्य अतिथियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
यह परियोजना क्षेत्रवासियों के करीब आठ वर्षों के संघर्ष, जनआंदोलन और कई चरणों में किए गए आमरण अनशन का परिणाम मानी जा रही है। स्थानीय लोगों ने इसे जनता की एकजुटता और लगातार उठाई गई जनहित की आवाज की जीत बताया।
संयुक्त संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष प्रताप सिंह राणा ने कहा कि यह अंडरपास केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि बलटाना और आसपास के लाखों लोगों की वर्षों पुरानी मांग का समाधान है। उन्होंने इस संघर्ष में सहयोग देने वाले क्षेत्रवासियों, पंचों, सरपंचों, सामाजिक संगठनों, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में रायपुर कलां के पंच, सरपंच, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। लोगों ने उम्मीद जताई कि अंडरपास बनने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।