Fire in Empty Tanker at Panipat Toll Plaza, Major Tragedy Averted

पानीपत टोल प्लाज़ा पर खाली टैंकर में आग, ड्राइवर की सूझबूझ से टली बड़ी त्रासदी

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Fire in Empty Tanker at Panipat Toll Plaza, Major Tragedy Averted

हरियाणा के पानीपत में नेशनल हाईवे-44 पर सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक खाली टैंकर अचानक आग की लपटों में घिर गया। यह हादसा पानीपत टोल प्लाज़ा के पास हुआ। गनीमत रही कि टैंकर चालक ने अपनी जान की परवाह किए बिना सूझबूझ दिखाई और एक बड़ी त्रासदी होने से बच गई।

जानकारी के अनुसार, टैंकर चरखी दादरी से राख (Ash) खाली करने के बाद पंजाब के राजपुरा लौट रहा था। जैसे ही वाहन पानीपत टोल प्लाज़ा के करीब पहुँचा, ड्राइवर ने रफ्तार धीमी करने के लिए ब्रेक लगाए। इसी दौरान टायरों में घर्षण (Friction) से निकली चिंगारी ने आग का रूप ले लिया। देखते ही देखते पूरा टैंकर आग की लपटों में घिर गया।

टैंकर में आग लगते ही टोल प्लाज़ा पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी गाड़ियों को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। अगर टैंकर टोल की कतार में खड़ा रहता, तो आसपास के अन्य वाहन और टोल बूथ भी इसकी चपेट में आ सकते थे। लेकिन ड्राइवर ने अपनी जान की परवाह न करते हुए जलते हुए टैंकर को सड़क के किनारे (Shoulder) सुरक्षित जगह पर पार्क कर दिया। इस साहसिक कदम से न केवल टोल प्लाज़ा बल्कि कई लोगों की जान बच गई।

घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम और दमकल विभाग (Fire Department) की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से टैंकर के मुख्य हिस्से को पूरी तरह स्वाहा होने से बचा लिया गया।

स्थानीय लोगों ने ड्राइवर की बहादुरी की जमकर सराहना की। उनका कहना था कि अगर ड्राइवर ने हिम्मत न दिखाई होती, तो यह हादसा बहुत बड़ा रूप ले सकता था। टोल प्लाज़ा पर मौजूद कर्मचारियों ने भी राहत की सांस ली।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया
पानीपत प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने हाईवे पर यातायात को कुछ समय के लिए रोक दिया, ताकि आग बुझाने का काम सुचारु रूप से हो सके। बाद में स्थिति सामान्य होने पर यातायात बहाल कर दिया गया।

दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग का कारण टायरों में घर्षण से निकली चिंगारी थी। गर्मी और तेज़ रफ्तार के कारण यह चिंगारी फैल गई और टैंकर में आग लग गई।

ड्राइवर की बहादुरी
ड्राइवर की सूझबूझ और साहस ने इस हादसे को बड़ी त्रासदी बनने से रोका। उसने अपनी जान जोखिम में डालकर टैंकर को सुरक्षित जगह पर ले जाकर खड़ा किया। इस कदम से न केवल टोल प्लाज़ा बल्कि आसपास के सैकड़ों लोगों की जान बची।


यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि सड़क हादसों में ड्राइवर की त्वरित प्रतिक्रिया कितनी महत्वपूर्ण होती है। यदि ड्राइवर घबराकर गलत निर्णय लेता, तो नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था। प्रशासन और स्थानीय लोग ड्राइवर की बहादुरी को सलाम कर रहे हैं।