पंजाब–हरियाणा बॉर्डर पर किसान आंदोलन तेज: 31 नेताओं पर FIR, महिलाओं ने संभाला मोर्चा

पंजाब–हरियाणा बॉर्डर पर किसान आंदोलन तेज: 31 नेताओं पर FIR, महिलाओं ने संभाला मोर्चा

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Farmers' Protest Intensifies at Punjab-Haryana Border

पंजाब/हरियाणा बॉर्डर: Farmers' Protest Intensifies at Punjab-Haryana Border, भाखड़ा मुख्य नहर से जुड़ी पाइपलाइन को उखाड़ने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए 31 प्रमुख किसान नेताओं और कई अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद किसानों का गुस्सा और भड़क गया है, जिसके चलते आंदोलन ने अब एक नया और गंभीर रूप ले लिया है।

महिलाओं ने संभाली आंदोलन की कमान

अपने नेताओं पर केस दर्ज होने के विरोध में अब बड़ी संख्या में किसान महिलाएं आगे आ गई हैं।

  • सड़कों पर बैठीं महिलाएं: पुलिसिया कार्रवाई और दर्ज मुकदमों के विरोध में महिलाओं ने मोर्चा संभालते हुए घटना स्थल और प्रशासनिक दफ्तरों के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।

  • प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी: प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर डराने की कोशिश कर रही है। जब तक एफआईआर वापस नहीं होगी, वे पीछे नहीं हटेंगी।


कल से शुरू होगी सामूहिक भूख हड़ताल

किसान यूनियनों ने इस कार्रवाई के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। किसान नेताओं ने घोषणा की है कि प्रशासन के इस तानाशाही रवैये के खिलाफ कल से सामूहिक भूख हड़ताल (Hunger Strike) शुरू की जाएगी।

किसान नेताओं का बयान: "प्रशासन चाहे जितने मुकदमे दर्ज कर ले, हम डरने वाले नहीं हैं। पानी और अपनी जमीनों के हक के लिए हमारा यह संघर्ष जारी रहेगा। अगर दर्ज की गई एफआईआर तुरंत रद्द नहीं की गई, तो कल से हमारे साथी भूख हड़ताल पर बैठेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।"


क्या है पूरा विवाद?

यह पूरा विवाद भाखड़ा नहर के पानी और पाइपलाइन बिछाने के प्रोजेक्ट को लेकर है।

  • किसानों का आरोप: किसानों का दावा है कि इस पाइपलाइन प्रोजेक्ट से उनकी खेती की जमीनों और स्थानीय जल स्तर को भारी नुकसान पहुंच रहा है। प्रशासन बिना उनकी सहमति और उचित मुआवजे के जबरन काम आगे बढ़ा रहा था।

  • पाइपलाइन उखाड़ने का आरोप: इसी बात से नाराज होकर पिछले दिनों किसानों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए वहां बिछाई जा रही सरकारी पाइपलाइन को उखाड़ दिया था और काम रुकवा दिया था, जिसके बाद प्रशासन ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से बदसलूकी की धाराओं के तहत यह केस दर्ज किया है।

इलाके में भारी पुलिस बल तैनात

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रभावित इलाकों और धरना स्थलों पर भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों को तैनात कर दिया गया है। खुफिया विभाग भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि कानून-व्यवस्था न बिगड़े।