अलविदा मोहसिना किदवई: कांग्रेस की विचारधारा का 'मजबूत स्तंभ' ढहा; 'नेहरू भवन' को कानूनी पहचान दिलाकर राजनीति को कहा अलविदा

अलविदा मोहसिना किदवई: कांग्रेस की विचारधारा का 'मजबूत स्तंभ' ढहा; 'नेहरू भवन' को कानूनी पहचान दिलाकर राजनीति को कहा अलविदा

Farewell

Farewell, Mohsina Kidwai: A 'Strong Pillar' of Congress

लखनऊ। Farewell, Mohsina Kidwai:  कांग्रेस को विचारधारा को आगे बढ़ाने वाली मोहसिना की मृत्यु से कांग्रेस में शोक की लहर है। पार्टी का प्रदेश मुख्यालय (नेहरू भवन) उनकी ही देन है।

मृत्यु से कुछ समय पहले ही उन्होंने कानून दांव-पेंच में उलझे नेहरू भवन की पावर ऑफ अटार्नी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नाम पर कर दी थी। बाराबंकी जैसे छोटे जिले से निकल कर प्रदेश और फिर राष्ट्रीय राजनीति में उन्होंने महिलाओं की सक्रिय भूमिका की नींव रखी थी।

वह केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकार की मंत्री, सांसद और फिर वर्ष 2004 से 2016 तक राज्यसभा सदस्य भी रही थीं। उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी करीबी माना जाता था।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बुधवार को आयोजित शोक सभा में कांग्रेस नेताओं ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय ने कहा कि वह हमेशा पार्टी के हितों को आगे लेकर चलती थीं।

प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा है कि मोहसिना किदवई का राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन अत्यंत प्रेरणादायी रहा है।

उनके अध्यक्षीय कार्यकाल में ही नेहरू भवन को कांग्रेस का प्रदेश मुख्यालय बनाया गया था। जाते-जाते भी वह पार्टी के लिए बड़ा काम कर गईं। उन्होंने अपने जीवन में हमेशा कांग्रेस की विचारधारा को मजबूत करने का कार्य किया।

बहुगुणा स्मृति समिति ने शोक व्यक्त किया

हेमवती नंदन बहुगुणा स्मृति समिति उत्तर प्रदेश की ओर से गोमती एनक्लेव में समिति की उपाध्यक्ष प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी के आवास पर शोक सभा आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता यूपी के पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डॉ. अम्मार रिजवी ने की।

उन्होंने कहा कि मोहसिना किदवई समिति की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष थीं। राज्य व केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में उन्होंने हर जिम्मेदारी को कुशलतापूर्वक निभाया। वर्ष 1974 में हेमवती नंदन बहुगुणा के नेतृत्व में बनी कांग्रेस सरकार में उनको लघु उद्योग मंत्री के रूप में शामिल किया गया था।