हिमाचल में फैंसी वाहन नंबरों का क्रेज, 0001 सीरीज ने रेकॉर्ड राजस्व बनाया

हिमाचल में फैंसी वाहन नंबरों का क्रेज, 0001 सीरीज ने रेकॉर्ड राजस्व बनाया

Fancy vehicle numbers are a craze in Himachal

Fancy vehicle numbers are a craze in Himachal

शिमला। Fancy vehicle numbers are a craze in Himachal, कहते हैं कि शौक से बढ़कर दुनिया में कोई चीज नहीं है। 75 लाख की आबादी वाले हिमाचल में 24,48,291 वाहन पंजीकृत हैं। आबादी के हिसाब से देखें तो हर तीसरे व्यक्ति के पास वाहन है। अब वाहन के साथ फैंसी नंबर लेने का भी क्रेज बढ़ गया है। पिछले तीन सालों 1 जनवरी 2023 से 23 फरवरी 2026 तक फैंसी नंबरों की ई नीलामी से परिवहन विभाग ने 80.82 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है।

ई नीलामी से ही फैंसी नंबरों का आबंटन किया जाता है। फैंसी नंबरों के साथ 0001 सीरीज का नंबर लेना भी स्टेटस सिंबल बनता जा रहा है। 

10 नवंबर 2023 को राज्य सरकार ने विशेष पंजीकरण संख्या 0001 नीलामी के लिए खोला। ई नीलामी से आम जनता के लिए इसकी बिक्री शुरू की गई। अभी तक सरकार 0001 नंबर से 4.44 करोड़ का राजस्व प्राप्त कर चुकी है। कुल 47 वाहनों ने 0001 नंबर लिया है।

पहले सरकारी गाड़ी के लिए आरक्षित था 0001

उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 0001 नंबर पहले सरकारी गाड़ी के लिए आरक्षित था। विभाग ने नियम बदल कर यह नंबर भी अलॉट करना शुरू कर दिया। अब यह विभाग की कमाई का जरिया बन गया है।

20 लाख का बिका नंबर

एचपी 97-0001 तीन जून 2024 को नीलाम हुआ था। 20 लाख रुपसे में यह नंबर बिका था। इसी तरह एचपी 64 डी 0001 पिछले वर्ष नीलाम हुआ, इसकी कीमत 18 लाख 500 रुपए थी। एचपी 87-0001 नंबर 18 लाख रुपसे में बिका है। 0001 सीरीज के नंबर देकर परिवहन विभाग ने 4.44 करोड़ रुपये की कमाई की है।

देशभर में चर्चा में रहा था एक करोड़ रुपये का नंबर

वीआईपी नंबरों की खरीद में एचपी 99-9999 नंबर देशभर में चर्चा में रहा था। ई-ऑक्शन प्रणाली से पहले इस नंबर की बोली 1 करोड़ रुपये तक चली गई थी। इसी नंबर पर फर्जीवाड़ा होने के अंदेशे के बाद विभाग ने ई-ऑक्शन प्रणाली में बदलाव किया था। जिसके बाद विभाग ने इसकी प्रक्रिया बदली थी।

800 करोड़ राजस्व इस साल करेंगे एकत्र: मुकेश

उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि परिवहन विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 में एक हजार करोड़ का राजस्व अर्जित किया है। विभाग ने 2023 से 2026 के बीच 2744.02 करोड़  रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जबकि पूर्व भाजपा सरकार ने तीन साल में 1564.76 करोड़ का राजस्व अर्जित किया था। 1180 करोड़ रुपये अतिरिक्त यानि राजस्व में 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

93 करोड़ की प्रोत्साहन राशि मिली

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय द्वारा जो मानक तय किए गए हैं उस पर बेहतर कार्य करने पर सराहना की है। केंद्र ने परिवहन विभाग को 93 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विभाग ने राजस्व में बढ़ोतरी के लिए कई नई योजनाओं पर काम किया है। इसका फायदा भी मिल रहा है।