आस्था या जोखिम? डूंगरपुर में खेली गई 'खूनी होली', पत्थरों की बौछार में 31 लोग लहूलुहान

आस्था या जोखिम? डूंगरपुर में खेली गई 'खूनी होली', पत्थरों की बौछार में 31 लोग लहूलुहान

Faith or risk? A bloody Holi was celebrated in Dungarpur

Faith or risk? A 'bloody Holi' was celebrated in Dungarpur,

Rajasthan Holi: Faith or risk? A 'bloody Holi' was celebrated in Dungarpur, राजस्थान में केवल रंग और गुलाल से होली नहीं खेली जाती है. बल्कि यहां अलग-अलग तरीके से होली का त्योहार मनाया जाता है. वैसे तो लठ मार होली के बारे में तो सब जानते हैं. लेकिन राजस्थान के डूंगरपुर में पत्थर मार होली खेली जाती है. डूंगरपुर के सागवाड़ा में होली को लेकर अनूठी परंपराओं को लेकर काफी प्रसिद्ध है. डूंगरपुर के भीलूड़ा गांव में आज धुलंडी के मौके पर शाम को रंग गुलाल नहीं पत्थरों की होली खेली गई. ढोल कुंडी की थाप पर होली की चीत्कार करते हुए दोनों गुटों ने एक दूसरे पर जमकर पत्थर बरसाए. पत्थरों की मार से 31 लोग घायल हो गए. 

होली के दौरान किसी के हाथ तो किसी के पैर और सिर पर पत्थर लगे. घायलों का भीलूड़ा अस्पताल में इलाज करवाया गया.

मंदिर के पास में दो गुटों के बीच पत्थर मार होली

आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले में होली पर बरसो चली आ रही अनूठी परंपराएं आज भी निभाई जा रही है. भीलुड़ा में पत्थरों की होली (खूनी होली) को लेकर आज मंगलवार (3 मार्च) शाम को आसपास के कई गांवों के लोग भीलुडा के रघुनाथजी मंदिर के पास इकट्ठे हुए. ढोल कुंडी की थाप पर बड़ी संख्या में आए लोगों ने गैर खेली. इसके बाद शुरू हुआ खूनी होली का खेल. रघुमाथजी मंदिर में दर्शनों के बाद गांव के लोग मंदिर के पास ही मैदान में पहुंचे. जहा गांवो के लोग दो गुटों में बंट गए. होली की चीत्कार करते हुए दोनों ही गुटो ने देखते ही देखते एक दूसरे पर पत्थर बरसाना शुरू कर दिया. हाथों में पत्थर लेकर एक दूसरे पर फेंके, तो कई ने गोफन से पत्थर मारे. पत्थर एक दूसरे के गुट के लोगों को लगे. वहीं लोग पत्थरों से बचने का प्रयास भी करते रहे.

क्यों खेलते हैं खूनी होली

पत्थरमार होली में कई लोगों के हाथ, पैर, सिर और शरीर पर कई जगह पत्थर लगे. जिससे चोटें आई और लहूलुहान हो गए. घायल लोगों को मौजूद दूसरे लोगों ने अस्पताल पहुंचाया. एक-एक कर घायलों की संख्या बढ़ती गई. देर शाम तक चले इस पत्थर मार होली में 31 लोग घायल हो गए. वही डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ की टीम ने घायलों का इलाज किया. गांव के लोगों का कहना है की पत्थर मार होली की वजह से लोग घायल होते है. पत्थरों की चोट से निकलने वाला खून जमीन पर गिरता है तो गांव में साल भर में कोई अनहोनी नहीं होती है. गांव में साल भर खुशहाली रहती है.