जासूसी नेटवर्क का खुलासा: भारत में बड़े आतंकी हमले की साजिश बेनकाब
Espionage Network Exposed
साहिबाबाद। Espionage Network Exposed, पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नेटवर्क के टूटने के बाद परत-दर-परत साजिशों से पर्दाफाश हो रहा है। पाकिस्तान व विदेशों में बैठे हुए आतंकी भारत में बड़े हमले की साजिश रच रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि अटारी बॉर्डर से पंजाब व हरियाणा होते हुए दिल्ली आतंकियों की टारगेट है।
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायु सेना द्वारा पाकिस्तान में आतंकी अड्डों को तबाह करने के बाद भारत में आतंकी हमलों को अंजाम देने के उद्देश्य से ही जासूसी का टेरर नेटवर्क बनाया गया। आर्मी बेस व कैंटों पर हमलों के लिए सटीक टारगेट वाले प्वाइंट चुनकर इनकी लोकेशन मंगाई गईं। जांच बढ़ने के साथ सुरक्षा एजेंसियों के हाथ अहम जानकारियां लग रही हैं।
पिछले साल अप्रैल माह में पाक से आए आतंकियों ने पहलगाम में बड़े आतंकी हमले को अंजाम दिया था। इसके बाद मई में भारतीय वायु सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाक में आतंकी अड्डों को तबाह किया था। इसके बाद से आतंकी संगठन व पाक सेना में खलबली मची हुई थी। इस कार्रवाई के बाद भारत में आतंकी हमलों के लिए साजिश रची गई।
कैमरों के माध्यम से सेना के मूवमेंट पर निगाह रखी
सूत्र बता रहे हैं कि अटारी बॉर्डर से दिल्ली सबसे करीब है और यहां से रेल मार्ग दिल्ली तक आता है। इसके साथ ही इस मार्ग पर आर्मी बेस व कैंट होने के कारण आतंकियों ने मुफीद माना। इसके बाद ही इस रूट पर आतंकियों ने रेकी कराई और कैमरे लगाकर फीड पाकिस्तान आईएसआई को दी। इसके साथ ही कैमरों के माध्यम से सेना के मूवमेंट पर निगाह रखी जा रही थी।
आतंकियों की साजिश थी कि इस रूट पर आने वाले व आसपास के संवेदनशील स्थानों की सटीक लोकेशन मंगाकर भविष्य में सटीक हमलाें को अंजाम दिया जा सकता है। लोकेशन की पुष्टि के लिए वह नेटवर्क से जुड़े लोगों से फोटो और वीडियो मंगा रहे थे।
कौशांबी से पकड़े गए नेटवर्क ने दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन व सोनीपत रेलवे स्टेशन पर कैमरे लगाए थे। जबकि पंजाब व दिल्ली से पकड़े गए आरोपितों ने कपूरथला, जालंधर, पठानकोट, पटियाला, मोगा, अंबाला, कठुआ, बीकानेर, अलवर में कैमरे लगाए थे।
480 किलोमीटर के रूट पर हो रही थी रेकी
पाकिस्तान से अटारी बॉर्डर होते हुए दिल्ली आने वाला रूट सबसे छोटा है। इसके चलते आतंकियों के लिए यह सबसे मुफीद है। अटारी से दिल्ली तक करीब 480 किलोमीटर की दूरी पर आतंकी रेकी करा रहे थे। जबकि राजस्थान में भी कुछ स्थानों की रेकी कराई गई।
बीकानेर व अलवर में कैमरे लगवाए गए जबकि सीकर में खाटू श्याम मंदिर की रेकी हुई। जैसलमेर से दिल्ली की दूरी अधिक यानि करीब 780 किलोमीटर होने के कारण आतंकियों ने इस रूट पर अधिक ध्यान नहीं दिया और उनका फोकस अटारी से दिल्ली वाले रूट पर ही रहा।
लाल किला हमले से जुड़ रहे हैं जासूसी नेटवर्क के तार
पिछले साल 10 नवंबर को लालकिला पर हुए आतंकी हमले के तार इस जासूसी नेटवर्क से जुड़ते नजर आ रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि लालकिला हमले में पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ के बाद ही एजेंसियों को टिप मिलनी शुरू हुई और इनकी जानकारी के आधार पर ही एजेंसियों ने जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
बताया जा रहा है कि नेटवर्क काफी बड़ा है और इसमें अलग-अलग गिरोहों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। जल्द ही बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।