English Medium Nirankari Sant Samagam organised in Mohali

मोहाली में इंग्लिश मीडियम निरंकारी संत समागम का आयोजन, बच्चों ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी

English Medium Nirankari Sant Samagam organised in Mohali

English Medium Nirankari Sant Samagam organised in Mohali

English Medium Nirankari Sant Samagam organised in Mohali- मोहालीI संत निरंकारी सत्संग भवन, फेस 6 मोहाली में  इंग्लिश मीडियम निरंकारी संत समागम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्थानीय ब्रांच से जुड़े सभी इंग्लिश बोलने वाले तथा इंग्लिश भाषी महात्माओं ने विशेष कर छोटे-छोटे बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।

समागम के दौरान केंद्रीय प्रचारक श्री नरपाल सिंह जी ने अपने प्रेरणादायक विचार साझा करते हुए कहा कि निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज परमपिता परमात्मा के सच्चे ज्ञान के माध्यम से पूरी मानवता को एक सूत्र में पिरोने का महान कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निरंकारी मिशन सभी धर्मों और भाषाओं का समान रूप से आदर करता है तथा विश्व भाईचारे का संदेश देता है।

उन्होंने आगे कहा कि एक अच्छे इंसान की पहचान उसके कपड़ों से नहीं, बल्कि उसके किरदार से होती है। आज निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज इंसान के चरित्र को ऊंचा उठाकर उसे एक अच्छा और सच्चा इंसान बनाने का कार्य कर रहे हैं।

अपने संबोधन में उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से एक प्रेरणादायक प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि जब स्वामी विवेकानंद जी इंग्लैंड में थे, तब एक अंग्रेज ने उनसे अंग्रेजी में प्रश्न किया, जिसका उत्तर स्वामी जी ने हिंदी में दिया। जब उस व्यक्ति ने दोबारा हिंदी में प्रश्न किया, तो स्वामी जी ने उत्तर अंग्रेजी में दिया। इस पर स्वामी जी ने समझाया कि पहली बार आपने अपनी भाषा का सम्मान किया और मैंने अपनी भाषा का, और दूसरी बार आपने मेरी भाषा का सम्मान किया तो मैंने आपकी भाषा का।

इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने उपस्थित संगत को संदेश दिया कि हमें सभी भाषाओं का सम्मान करना चाहिए और आपसी प्रेम व भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए।

अंत में स्थानीय संयोजक इंचार्ज श्री गुलशन लूथरा जी ने समागम में पधारी संगत तथा कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी बच्चों का हृदय से धन्यवाद किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

समागम का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और प्रेरणा से ओत-प्रोत रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।