"नीतीश कुमार: बिहार में 'असली बिजली' से ऊर्जा का विकास"

"नीतीश कुमार: बिहार में 'असली बिजली' से ऊर्जा का विकास"

Energy Development in Bihar through Real Electricity

Energy Development in Bihar through 'Real Electricity'

नीतीश कुमार ने 'असली बिजली' किस्से से ऊर्जा विकास बताया।

बिहार में बिजली खपत 70 से 374 यूनिट तक बढ़ी।

'हर घर बिजली' से 2.16 करोड़ कनेक्शन, मुफ्त यूनिट।

पटना। Energy Development in Bihar through 'Real Electricity'  नीतीश कुमार ने इस किस्से को बड़े रोचक अंदाज में सुनाया था। यह कहा कि एक समय सड़क मार्ग से वह जहानाबाद की तरफ जा रहे थे।

रास्ते में एक जगह लोगों ने उनके वाहन को रोका। बात समझ में आई नहीं कि क्यों रोक रहे। उन्होंने स्वयं पूछा कि उन्हें क्यों रोका गया है?

इस पर ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें असली बिजली चाहिए। अभी जो बिजली उन्हें मिल रही है वह नकली बिजली है। मुख्यमंत्री ने पूछा कि आखिर मामला है क्या?

नकली ब‍िजली का मतलब अधिकारियों ने समझाया

अधिकारियों ने समझाया कि इस गांव के लोगों को जो बिजली मिल रही है वह सौर ऊर्जा वाली है। ग्रामीण इसे नकली बिजली कह रहे।

उन्हें थर्मल वाली बिजली चाहिए। तब नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हें अभी जो बिजली मिल रही है वही असली बिजली है। जिसकी मांग वह कर रहे वह नकली बिजली है।

आने वाले दिनों में खत्म हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने वैसे उस गांव में थर्मल वाली बिजली पहुंचवा दी। इस वाकये को काफी दिन हो गए। आज बिहार में सोलर सेक्टर नयी क्रांति की तरफ है। असली बिजली बड़े स्तर पर आने वाली है।

एक समय यह किस्सा भी खूब चला। मंच से यह पूछा जाता था कि बिजली आई। तब बिहार में बिजली आ गई थी। बिजली नहीं आई सुनने की चाह में भीड़ से यह आवाज आ गई कि हां बिजली आ गई।

हवाई मार्ग से यात्रा करते समय ख‍िंचवाई तस्‍वीर 

बिहार में बिजली को लेकर नीतीश कुमार का उत्साह यह रहा कि एक बार वह हवाई मार्ग से गया से पटना लौट रहे थे। शाम हो गई थी।

नीतीश कुमार ने जब नीचे झांका तो पूरा इलाका रोशनी से जगमग था। बड़े उत्साह से उन्होंने अपने साथ चल रहे अधिकारियों को कहा कि मोबाइल से इसकी तस्वीर लीजिए।

तस्वीर ली गई और अगले दिन उन्होंने इस तस्वीर को सार्वजनिक भी करवाया। बिहार में बिजली के इंतजाम को लेकर उन्हाेंने मिशन मोड में कराया।

तब उन्होंंने गांधी मैदान से स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में यह कहा था कि अगर बिजली नहीं आएगी तो वह लोगों के बीच वोट मांगने नहीं जाएंगे। उनके इस निश्चय ने तय लक्ष्य से पहले बिहार में हर घर बिजली पहुंचा दी। 

प्रत‍ि व्‍यक्‍त‍ि खपत पांच गुना से ज्‍यादा बढ़ी 

बिहार में बिजली के क्षेत्र में विकास की कहानी यह है कि वर्ष 2005 में यहां प्रति व्यक्ति बिजली की खपत केवल 70 यूनिट थी जो वर्तमान में बढकर 374 यूनिट हो गई है।

अब इस बात को भी नोटिस में लीजिए कि वर्ष 2005 में बिहार में बिजली की पीक डिमांड 700 मेगावाट थी जो 2025 में बढ़कर 8752 मेगावाट हो गई।

यह बढोतरी लगभग 12 गुना है। नीतीश कुमार ने बिहार में सात निश्चय के तहत हर घर बिजली योजना को शुरू किया। इसके तहत सभी गांव और टोलों तक में बिजली का कनेक्शन पहुंचा दिया गया।

वर्तमान में 2.16 करोड़ बिजली कनेक्शन है बिहार में। उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री के स्तर पर यह पहल की गयी कि जुलाई से ही उन्हें 125 यूनिट मुफ्त बिजली मिलने लगी।

कृष‍ि फीडर को न‍ियम‍ित आपूर्ति 

अगस्त के बिजली बिल में इसका प्रभाव दिखा। इस निर्णय से 1.67 करोड़ परिवारों को लाभ मिला। नीतीश कुमार के कार्यकाल में ही किसानों के लिए कृषि फीडर की योजना आरंभ हुई। कृषि फीडर के माध्यम से किसानों को पटवन के लिए मिलने वाली बिजली की दर मात्र 55 पैसे प्रति यूनिट है।

अब बात करें असली बिजली की। नीतीश कुमार की पहल पर सोलर प्लांट के क्षेत्र में कई नए काम आरंभ हुए। सरकार रूफटाप सोलर प्रोजेक्ट पर तो काम कर ही रही साथ में कई बड़े प्रोजेक्ट इस क्षेत्र ग्रीन इनर्जी के क्षेत्र में आ रही।

इसमें पंप स्टोरेज स्कीम भी शामिल हैं। दरभंगा में दो मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट शुरू किया गया। नहर के किनारे सोलर प्लेट लगाए जा रहे।

राज्य सरकार ने 2025 में अपनी अक्षय ऊर्जा नीति को लाया है। इसके तहत सोलर प्लेट लगाने के क्षेत्र में आ रहे उद्यमियों को एसजीएसटी में 100 प्रतिशत की छूट दी जा रही।