यूपी के युवाओं के लिए रूस में 5 लाख नौकरियां: सुरक्षा, पारदर्शिता और भाषा पर जोर
Emphasis on Safety, Transparency, and Language
लखनऊ। Emphasis on Safety, Transparency, and Language, रोजगार की तलाश कर रहे प्रदेश के युवाओं के लिए अब विदेश में नए दरवाजे खुलने जा रहे हैं। रूस में पांच लाख से अधिक नौकरियों के अवसर उपलब्ध कराने को लेकर उच्चस्तरीय सहमति बनी है, जहां कुशल कामगारों को सुरक्षित और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत भेजा जाएगा। भारत-रूस सहयोग की इस पहल में भाषा प्रशिक्षण और युवाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने ठोस रणनीति तैयार की है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
बुधवार को प्रदेश के श्रम व सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर और मास्को के मंत्री चेर्योमिन सर्गेई के बीच हुई उच्चस्तरीय वीडियो कान्फ्रेंस में रूस में पांच लाख से अधिक रोजगार अवसरों पर सहमति बनी। इसके माध्यम से प्रदेश के कुशल कामगारों को वैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत रूस की कंपनियों में रोजगार की स्थिति को देखा गया।
मास्को के प्रतिनिधि ने बताया कि उनके यहां निर्माण, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर और कारपेंटर जैसे तकनीकी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कामगारों की जरूरत है। साथ ही सेंट पीटर्सबर्ग में होने वाले आर्थिक फोरम में यूपी के प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया गया, जिसे मंत्री अनिल राजभर ने स्वीकार कर लिया। इस फोरम में भविष्य की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में युवाओं की सुरक्षा को लेकर फैली आशंकाओं को भी दूर किया गया। रूसी मंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया सुरक्षित, पारदर्शी और वैधानिक होगी तथा किसी भी युवक को सेना में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
रूस में रोजगार के लिए भाषा को महत्वपूर्ण बताते हुए रूसी पक्ष ने रूसी भाषा सीखने पर जोर दिया। इस पर प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एसएम सुंदरम ने बताया कि सेवायोजन विभाग पहले से जापानी और जर्मन भाषा प्रशिक्षण दे रहा है और जल्द ही रूसी भाषा भी शामिल की जाएगी।