उत्तर प्रदेश में विकास परियोजनाओं के जरिए चुनावी रणनीति तेज, सरकार की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाने की तैयारी
Election Strategy Intensifies in Uttar Pradesh
लखनऊ। Election Strategy Intensifies in Uttar Pradesh, बंगाल चुनाव में बड़ी जीत के बाद भाजपा का राजनीतिक केंद्र बिंदू अब उत्तर प्रदेश बनने जा रहा है। राज्य में अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव की तैयारियों में जहां भाजपा संगठन जमीनी स्तर पर काम करने में जुटा है।
वहीं प्रदेश सरकार बड़ी योजनाओं के माध्यम से जनता के बीच पहुंचने की तैयारी में जुट गई है। सरकार अब लगातार बड़ी परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के माध्यम से जनता के बीच अपने पक्ष में चुनावी माहौल बनाएगी। विभागों से लोकार्पण व शिलान्यास से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं का ब्योरा मांगा गया है।
जनता के बीच पहुंचाई जाएंगी सरकार की उपलब्धियां
विभागों की रिपोर्ट के आधार पर कार्यक्रम तय किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच पहुंचाने का काम होगा। लोकार्पण व शिलान्यास के समस्त कार्यक्रम दिसंबर से पहले ही किए जाएंगे। जिसमें मुख्यमंत्री के साथ ही केंद्र व राज्य सरकार के मंत्री शामिल होंगे।
कुछ बड़ी परियोजनाओं में प्रधानमंत्री को भी बुलाया जा सकता है। अकेले लोक निर्माण विभाग ने ही 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 22 परियोजनाओं का लोकार्पण और 18 परियोजनाओं के शिलान्यास की सूची तैयार की है। इन परियोजनाओं की लागत 9720 करोड़ रुपये है। ये सभी परियोजनाएं सड़कों व सेतुओं के निर्माण से संबंधित हैं।
दो हाईवे कॉरिडोर के शिलान्यास की तैयारी
विभाग पूर्वांचल में उत्तर से दक्षिण को जोड़ने वाले दो हाईवे कॉरिडोर के शिलान्यास की तैयारी कर रहा है। ये हाईवे पूर्वांचल के दर्जन भर जिलों को हाईवे नेटवर्क से आपस में जोड़ेंगे। इन दोनों कॉरिडोर से पिछले चुनाव में जहां भाजपा के खराब प्रदर्शन वाले जिले गाजीपुर, अंबेडकर नगर, जौनपुर आदि जुड़ रहे हैं।
स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह के मुताबिक फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे तथा आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे का शिलान्यास कराने की तैयारी चल रही है।
लखनऊ में विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर तथा नाइट सफारी का शिलान्यास भी होगा। वहीं, मेरठ में बन रही स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का लोकार्पण होगा।
प्रदेश के हर हिस्से को संदेश देगी सरकार
जानकार बताते हैं कि इन लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से सरकार प्रदेश के हर हिस्से को संदेश देने का काम करेगी, क्योंकि इन लिंक एक्सप्रेसवे से प्रदेश में पश्चिम से लेकर पूरब और दक्षिण तक के कई जिले सीधे जुड़ रहे हैं।
दो मई को समीक्षा बैठक कर खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी लगभग 50 हजार करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित एक्सप्रेसवे, औद्योगिक पार्क, लाजिस्टिक हब और शहरी परियोजनाओं को मिशन मोड पर आगे बढ़ाने का निर्देश अधिकारियों को दे चुके हैं। उन्होेने कहा था कि जल्द ही डिफेंस कॉरिडोर के चित्रकूट नोड में भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (बीईएल) की इकाई का शिलान्यास होगा।