शिमला में 'नो परमिट-नो एंट्री': प्रतिबंधित सड़कों पर गाड़ी चलाना हुआ 10 गुना महंगा, जेल का भी प्रावधान

शिमला में 'नो परमिट-नो एंट्री': प्रतिबंधित सड़कों पर गाड़ी चलाना हुआ 10 गुना महंगा, जेल का भी प्रावधान

Driving on Restricted Roads Becomes 10 Times More Expensive

Driving on Restricted Roads Becomes 10 Times More Expensive

शिमला। Driving on Restricted Roads Becomes 10 Times More Expensive, शिमला की प्रतिबंधित व बंधित सड़कों पर बगैर परमिट के वाहन चलाने पर भारी भरकम जुर्माना अदा करना होगा। इन सड़कों पर वाहन चलाने का परमिट लेने के लिए आवेदन शुल्क व पास का शुल्क बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार शिमला रोड यूजर एक्ट में संशोधन कर रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने संशोधन विधेयक सदन में पेश किया।

शिमला की प्रतिबंधित व बंधित सड़कों पर वाहन चलाने के लिए परमिट लेना पड़ता है और परमिट के लिए आवेदन करना होता है। अभी तक आवेदन शुल्क 100 रुपये तय था, मगर अब सरकार आवेदन शुल्क 500 रुपये करेगी।

दो दशक पहले तय हुआ था शुल्क व जुर्माना 

पिछले 20 सालों में जुर्माने और फीस दरें बहुत कम थी, जिससे लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। इसके कारण शिमला के माल रोड जैसे पैदल क्षेत्रों में भी वाहनों की संख्या बढ़ गई थी। सख्त नियम और अधिक जुर्माना धनराशि के फलस्वरूप लोगों को नियमों का पालन करना होगा और शिमला में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी।

क्या बदलने जा रहा 

अब तक जो नियम ढीले थे, उन्हें सख्त किया जा रहा है, ताकि शहर में बढ़ते ट्रैफिक पर नियंत्रण किया जा सके। बिना परमिट प्रतिबंधित/बंधित सड़कों पर वाहन लाने पर जुर्माना धनराशि का स्वरूप इस प्रकार रहेगा।

पहले और अब शुल्क

  • बिना परमिट जुर्माना धनराशि, 3000 रुपये से 10,000 रुपये
  • प्रतिबंधित सड़कों पर बिना अनुमति वाहन, 3000 से 5000 रुपये जुर्माना
  • परमिट के लिए आवेदन शुल्क, 100 से बढ़ाकर 500 रुपये
  • सालाना परमिट फीस (बंधित सड़कों के लिए) 2500 से बढ़ाकर 10000 रुपये
  • सील्ड रोड पर एक दिन का परमिट, 200 से बढ़ाकर 1,000 रुपये
  • नियम तोड़ने पर सजा का प्रविधान, पास की शर्तें तोड़ने पर 2,000 रुपये जुर्माना या 10 दिन की जेल
  • अन्य नियम उल्लंघन पर 3,000 रुपये जुर्माना या 15 दिन की जेल, आधा जुर्माना धनराशि देकर मौके पर चालान निपटाने की सुविधा भी रहेगी।