करनाल में डॉक्टर-पुलिस विवाद भड़का: SHO पर कार्रवाई की मांग, डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल
- By Gaurav --
- Thursday, 05 Mar, 2026
Doctors’ Strike in Karnal After Alleged Assault by SHO
हरियाणा के करनाल जिले में पुलिस और डॉक्टरों के बीच हुआ विवाद अब गंभीर आंदोलन का रूप ले चुका है। मामला एक स्थानीय SHO (थाना प्रभारी) द्वारा ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ कथित मारपीट और बदसलूकी से जुड़ा है। इस घटना ने पूरे जिले के सरकारी डॉक्टरों को झकझोर दिया और उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है।
हड़ताल का असर
डॉक्टरों ने न केवल ओपीडी (OPD) बल्कि इमरजेंसी (Emergency) और पोस्टमार्टम सेवाएं भी बंद कर दी हैं। इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। सुबह से ही अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल है। दूर-दराज से आए मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ रहा है। गंभीर रूप से घायल और बीमार मरीज निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं।
डॉक्टरों की चेतावनी
आज सुबह डॉक्टरों की एसोसिएशन ने एक आपात बैठक की। इसमें प्रशासन को साफ चेतावनी दी गई कि आरोपी SHO और संलिप्त पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। डॉक्टरों ने पुलिस विभाग को इसके लिए 2 घंटे का समय दिया था। आरोप है कि समय सीमा बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और आरोपी अधिकारी को बचाने में लगी रही।
आंदोलन का रूप
जैसे ही दोपहर 2 बजे अल्टीमेटम की अवधि समाप्त हुई, भारी संख्या में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ सिविल अस्पताल के मुख्य गेट पर एकत्र हो गए। सफेद कोट पहने डॉक्टरों ने हाथों में तख्तियां लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि अगर रक्षक ही भक्षक बन जाएंगे, तो डॉक्टर निर्भीक होकर काम कैसे करेंगे। डॉक्टरों ने ऐलान किया कि जब तक दोषी SHO की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक "कलम छोड़ो हड़ताल" जारी रहेगी।
प्रशासन की कोशिशें
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और डॉक्टरों को मनाने की कोशिश की। लेकिन डॉक्टर अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि यह केवल एक डॉक्टर पर हमला नहीं है, बल्कि पूरी मेडिकल बिरादरी के सम्मान पर चोट है।
विवाद की जड़
सूत्रों के अनुसार, बीती रात किसी मामले की जांच या मेडिकल परीक्षण के दौरान SHO और ड्यूटी डॉक्टर के बीच बहस हुई थी। आरोप है कि SHO ने वर्दी का रौब दिखाते हुए डॉक्टर के साथ मारपीट की। डॉक्टर एसोसिएशन ने इसे मेडिकल बिरादरी के सम्मान पर हमला बताया और आंदोलन का रास्ता चुना।
मरीजों की परेशानी
इमरजेंसी सेवाएं बंद होने से अस्पतालों में अफरा-तफरी मच गई है। कई मरीजों को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा। गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। गरीब और दूर-दराज से आए मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
निष्कर्ष
करनाल का यह विवाद अब केवल डॉक्टर और पुलिस के बीच का मामला नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक जिम्मेदारी और कानून-व्यवस्था की परीक्षा बन गया है। डॉक्टरों की हड़ताल से आम जनता को भारी परेशानी हो रही है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन आरोपी SHO पर कार्रवाई करेगा या यह विवाद और लंबा खिंचेगा।