'डॉक्टर-कॉप' अजय पाल शर्मा: लुधियाना की गलियों से निकलकर 'सिंघम' बनने तक का सफर और बंगाल का विवाद
'Doctor-Cop' Ajay Pal Sharma
चंडीगढ़। 'Doctor-Cop' Ajay Pal Sharma: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच एक नाम अचानक राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गया है अजय पाल शर्मा। उत्तर प्रदेश कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी और चुनाव आयोग के पुलिस ऑब्जर्वर के तौर पर तैनात शर्मा इन दिनों एक वायरल वीडियो को लेकर विवादों में हैं।
वीडियो में उन्हें कथित तौर पर टीएमसी नेता जहांगीर खान के आवास पर देखा गया, जिसके बाद विपक्ष ने निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस मामले में आधिकारिक स्तर पर जांच और स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
लुधियाना से हैं यूपी के सिंघम
‘यूपी के सिंघम’ और ‘डॉक्टर-कॉप’ के नाम से पहचाने जाने वाले अजय पाल शर्मा का मूल संबंध पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना से है। यहां के विकास नगर इलाके में पले-बढ़े शर्मा की छवि एक अनुशासित और पढ़ाई में तेज छात्र की रही है। स्थानीय लोग उन्हें आज भी सादगी और मेहनत की मिसाल के तौर पर याद करते हैं।
छोटे भाई भी IAS अधिकारी
शर्मा की शुरुआती पढ़ाई शास्त्री नगर स्थित आरएस मॉडल स्कूल से हुई, जो पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड से संबद्ध है। खास बात यह है कि उनके छोटे भाई अमित पाल शर्मा भी आईएएस अधिकारी हैं। दोनों भाई पहले डॉक्टर की पढ़ाई कर चुके हैं और बाद में सिविल सेवाओं में आए।
हाल ही में प्रयागराज महाकुंभ के दौरान भी दोनों की संयुक्त तैनाती चर्चा में रही थी। परिवार की पृष्ठभूमि भी उनकी सफलता की कहानी में अहम मानी जाती है। उनके पिता अमरजीत शर्मा सरकारी स्कूल में पंजाबी के लेक्चरर रहे हैं, जो अपनी सादगी और विद्यार्थियों को निशुल्क मार्गदर्शन देने के लिए इलाके में सम्मानित रहे।
स्थानीय निवासी प्रदीप ढल्ल के अनुसार, अजय और अमित पर कभी शहर की चमक-दमक का असर नहीं पड़ा। दोनों हमेशा पढ़ाई और लक्ष्य पर केंद्रित रहे।” मां प्रेम शर्मा ने भी परिवार को संभालते हुए बच्चों के संस्कार और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया। पड़ोसियों का कहना है कि मौजूदा विवाद के बावजूद परिवार आज भी लो-प्रोफाइल और मूल्यों से जुड़ा हुआ है।
लुधियाना के लोगों ने क्या दी प्रतिक्रिया
इधर, बंगाल में चल रहे विवाद को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। विपक्ष जहां चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है, वहीं कुछ लोग इसे एक प्रशासनिक अधिकारी के व्यक्तिगत स्तर पर देखने की बात भी कह रहे हैं।
लुधियाना के लोगों में इस घटनाक्रम को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया है, एक ओर जहां उन्हें अपने शहर के बेटे की उपलब्धियों पर गर्व है, वहीं निष्पक्ष छवि पर उठे सवालों से चिंता भी जताई जा रही है।
स्थानीय निवासी कहते हैं कि अजय पाल शर्मा की पहचान एक सख्त और ईमानदार अफसर की रही है, ऐसे में विवाद का सच सामने आना जरूरी है। फिलहाल सबकी नजरें जांच और चुनाव आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे इस पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।