अटल टनल में बर्फबारी का कहर: 800 से अधिक वाहन फंसे; प्रशासन ने शुरू किया मेगा रेस्क्यू
dministration Launches Mega Rescue Operation
मनाली। हिमाचल प्रदेश में मौसम के करवट बदलने से लाहुल व मनाली के पर्यटन स्थलों में भारी बर्फबारी हो रही है। अटल टनल के अंदर व बाहर 12 किलोमीटर क्षेत्र में 800 से ज्यादा पर्यटक वाहन फंसे हुए हैं। ये पर्यटक रविवार शाम से यहां फंसे हैं। ज्यादा बर्फबारी होने के कारण सड़क पर बर्फ जम गई है व वाहन फिसल रहे हैं। इस कारण पर्यटक यहां से नहीं निकल पा रहे हैं। कई पर्यटकों को गाड़ी में ही रात बितानी पड़ी है।
अटल टनल रोहतांग के पास एक फीट के करीब बर्फ गिर चुकी है। प्रशासन दोपहर 12 बजे तक 70 प्रतिशत लोगों को फोर बाई फोर वाहनों में रेस्क्यू कर मनाली पहुंचा दिए। बाकी बचे 30 प्रतिशत के करीब लोगों का रेस्क्यू जारी है।
3 किलोमीटर क्षेत्र बना चुनौती
अटल टनल रोहतांग से लेकर हाकी पुल तक तीन किलोमीटर का सफर बेहद जोखिमभरा बना हुआ है। यहां ऊतराई होने के कारण बर्फ पर वाहन अनियंत्रित हो रहे हैं।
डीएसपी मनाली केडी शर्मा व पुलिस टीम रातभर मौके पर डटी रही। एसडीएम रमन कुमार सुबह चार बजे दोबारा मौके पर पहुंच गए।
टनल में दोनों लेन में वाहनों का जमावड़ा
नौ किलोमीटर लंबी अटल टनल के अंदर पर्यटकों ने दोनों लेन में वाहन खड़े कर दिए हैं, इस कारण दिक्कत और बढ़ गई है। मशीनरी भी टनल के दूसरे छोर पर नहीं पहुंच पा रही। सभी पर्यटक लाहुल से मनाली की ओर आ रहे थे, जो भारी बर्फबारी के कारण फंस गए।
सड़क पर शीशे की तरह जमी बर्फ
सड़क पर बर्फ शीशे की तरह जम जाने के कारण वाहन फिसल रहे हैं और कई वाहनों का नियंत्रण भी बिगड़ गया था। स्थिति को देखते हुए पुलिस द्वारा पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस और बीआरओ की टीमों ने संयुक्त रूप से कार्य करते हुए अधिकांश वाहनों तथा उनमें सवार लोगों को सुरक्षित रूप से मनाली की ओर निकाला है।
प्रशासन ने दी राहत सामग्री
प्रशासन की ओर से बर्फ में फंसे वाहनों में मौजूद पर्यटकों को पानी, जूस और फल आदि उपलब्ध करवाए गए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एसडीएम मनाली तथा बीआरओ के मेजर भी पुलिस टीम के साथ पूरी रात मौके पर उपस्थित रहे और स्थिति की लगातार निगरानी करते रहे।
बीआरओ बर्फ हटाने में जुटा
बीआरओ की लेबर और मशीनरी की सहायता से सड़क पर जमी बर्फ को हटाने का कार्य भी लगातार जारी रखा गया। इसके लिए बेल्ट मशीनों तथा यूरिया खाद का उपयोग किया गया, ताकि सड़क पर जमी बर्फ को पिघलाया जा सके और यातायात को सुचारू किया जा सके।