लखनऊ में शुरू हुई डिजिटल स्वगणना प्रक्रिया, नागरिक खुद भर सकेंगे जनगणना का विवरण
Digital Self-Enumeration Process Launched in Lucknow
लखनऊ। Digital Self-Enumeration Process Launched in Lucknow, गुरुवार सुबह छह बजते ही स्वगणना के लिए पोर्टल शुरू हो गया। डीएम विशाख जी ने एनआईसी सेंटर में नगर आयुक्त गौरव कुमार और एडीएम एफआर राकेश कुमार सिंह की माैजूदगी में पोर्टल खोलकर अपने परिवार से संबंधित जानकारियां भरकर ग्यारह नंबर की विशेष आईडी हासिल की।
स्वगणना 21 मई तक चलेगी। इसमें कोई भी पोर्टल पर जाकर अपने परिवार की स्वगणना कर सकता है। परिवार के मुखिया के मोबाइल नंबर से ही पंजीकरण कराया जा रहा है। मुखिया द्वारा ही पूरे परिवार की जानकारियां पोर्टल पर भरी जा सकती हैं। 2011 के बाद हुई जनगणना पूरी तरह डिजिटल है और इसमें स्वजनगणना यानी सेल्फ इन्युमेरेशन का विकल्प अनिवार्य नहीं है। इन 15 दिनों में लोग अपना पूरा ब्योरा खुद ही ऑनलाइन भर सकेंगे।
इसके बाद प्रगणक घर जाकर उसका सत्यापन करेंगे। कुल 34 प्रश्न पूछे जा रहे हैं जिनमें आय से संबंधित कोई प्रश्न नहीं है कार्य और रोजगार से जुड़ी जानकारी ली जाएगी। डीएम का कहना है कि सभी लोगों को आगे आकर स्वगणना करनी चाहिए। जनगणना का नागरिकता या किसी अन्य चीज से कोई संबंध नहीं है और इसमें दी गई जानकारी गोपनीय रखी जाएगी किराएदार किस तरह स्वगणना की प्रक्रिया में शामिल होंगे इस बारे में एडीएम एफआर राकेश कुमार सिंह का कहना है कि मकान मालिक की तरह ही किराएदार भी अपना पोर्टल पर जाकर स्वगणना कर सकते हैं। किराएदारों की अलग आइडी होगी। अगर एक मकान में एक से अधिक किराएदार हैं तो अलग अलग आइडी जनरेट होगी।
एक प्रगणक को डेढ़ सौ घर में करनी होगी गणना
जिले में जनगणना के लिए करीब 12 हजार कुल कर्मचारी लगाए जा रहे हैं। एक कर्मचारी को न्यूनतम डेढ़ सौ घरों की गणना करनी होगी एक प्रगणक के लिए करीब सात सौ जनसंख्या की गणना तय की गई है। 22 मई से प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। जिसके पास स्वगणना के बाद मिली ग्यारह नंबर की आइडी होगी उनको केवल आइडी दिखानी होगी।
खाने-पान से लेकर फोन व बाइक की देनी होगी जानकारी
स्वगणना के दौरान लोगों के बारे में अधिक से अधिक जानकारी हासिल की जा सके इसके लिए अलग अलग तरह के 34 सवाल पूछे गए। घर, रहन सहन, खान-पान, पहनावा और लाइफ स्टाइल के बारे में अधिकतर सवाल थे। मोबाइल किस ब्रांड का है, कार कौन सी है यह सवाल भी पूछा गया। नियमित क्या खाना खाते हैं यह सवाल भी फेहरिस्त में शामिल था। मकान कच्चा है या पक्का, टाइल लगे हैं या नहीं। बाइक से चलते हैं या कार से, टीवी हैं या नहीं।
स्वगणना कैसे करें
1- आधिकारिक पोर्टल एसई.सीइएनएसयूएस.जीओवी.ईएन पर जाकर स्वगणना के लिए फार्म भरें
2 -परिवार का मुखिया अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और ओटीपी के माध्यम से लागिन करें।
3 - अपना राज्य और जिला चुनें। इसके बाद मकान की स्थिति लैंडमार्क चुने और अपने घर की लोकेशन चिन्हित करें।
(मालिक/किराएदार), सुविधाओं (बिजली, पानी, शौचालय) और परिवार के सदस्यों की जानकारी भरें
4 - मानचित्र पर जाकर अपने घर की सटीक लोकेशन को चिन्हित करें।
5- सभी जानकारी सावधानी से भरने के बाद फार्म सबमिट करें।
6- सफल सबमिशन के बाद आपको 11 अंकों की एक स्वगणना पहचान संख्या मिलेगी।
7- जब 22 मई के बाद जब सरकारी प्रगणक घर आएं तो उन्हें स्वगणना से मिली आइडी दिखाएं।
8 - एक परिवार में केवल एक ही मोबाइल नंबर से पंजीकरण करना होगा
स्वगणना के फायदे
- अपनी सुविधा से किसी भी वक्त जानकारी भर सकते हैं।
- खुद डेटा फीड करने से गलतियों की आशंका कम रहेगी।
- प्रगणक को आइडी दिखाने पर बेहद कम समय में वेरिफिकेशन होगा।
- आपको फॉर्म संभालकर रखने की चिंता नहीं रहेगी
2011 की जनसंख्या के आंकडे़
कुल जनसंख्या = 2817105
पुरुष- 1463338
महिला-1353767
जेंडर रेशिया-एक हजार पर 928 महिलाएं
चाइल्ड रेशियो अंडर-6-एक हजार पुरुष पर 904 महिला
साक्षर : 2143594
दर - 82.50 प्रतिशत