हिमाचल प्रदेश में डिजिटल जनगणना का शंखनाद: 16 जून से शुरू होगा अभियान; गलत जानकारी पर लगेगा जुर्माना
Digital Census Kicks Off in Himachal Pradesh
शिमला। Digital Census Kicks Off in Himachal Pradesh, हिमाचल प्रदेश में जनगणना का कार्य शुरू होने जा रहा है। हाउस लिस्टिंग के बाद मुख्य जनगणना का कार्य शुरू होगा। यह अभियान राज्यभर में 18 जुलाई तक चलेगा। मुख्य सचिव की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी।
पहला चरण 16 जून से 15 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा। इसके साथ स्व गणना का विकल्प भी उपलब्ध है। प्रदेश में जनगणना कार्य 18 जुलाई तक पूरा किया जाएगा, जबकि इसके पहले लगभग 18 दिनों तक हाउस-लिस्टिंग (गृह सूचीकरण) का कार्य किया जाएगा।
मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक है, जिसके आधार पर विकास योजनाओं, नीतियों और संसाधनों के वितरण की रूपरेखा तय की जाती है। ऐसे में सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सही और सटीक जानकारी उपलब्ध करवाएं।
डिजिटल माध्यम से होगी गणना
इस बार जनगणना को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित किया जाएगा। गणनाकर्मी टैबलेट या मोबाइल एप के माध्यम से घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
हाउस-लिस्टिंग के बाद मुख्य प्रक्रिया
अधिसूचना के अनुसार जनगणना से पहले हाउस-लिस्टिंग का कार्य किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक घर, भवन और अन्य संरचनाओं का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके बाद वास्तविक जनसंख्या गणना शुरू होगी, जिसमें परिवार के प्रत्येक सदस्य से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े विकास योजनाओं के निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार नीतियों के निर्धारण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में उपयोग किए जाते हैं। इसलिए आंकड़ों की सटीकता बेहद आवश्यक है।
गोपनीय रहेगी जानकारी
जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत नागरिकों को कुछ अधिकार भी दिए गए हैं। अधिसूचना के अनुसार दी गई जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी।
नियमों के उल्लंघन पर दंड
नागरिकों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे जनगणना अधिकारी को आवश्यक जानकारी प्रदान करें। अधिकारी को घर या परिसर में प्रवेश की अनुमति दें। पूछे गए प्रश्नों के सही उत्तर दें। नियमों के उल्लंघन पर दंड दिया जाएगा।
लग सकता है इतना जुर्माना
सरकार ने चेतावनी दी है कि जनगणना कार्य में बाधा डालने, गलत जानकारी देने या जानकारी छिपाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
अधिसूचना में निर्देश
अधिसूचना में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनगणना कार्य को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करें। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों को प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाए और किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रदेश सरकार ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे जनगणना कार्य को सफल बनाने में सहयोग करें। सटीक और अद्यतन आंकड़े ही प्रदेश के संतुलित और समग्र विकास की नींव बनते हैं। इसलिए सही जानकारी मुहैया करवाए।