चंडीगढ़ में विकास कार्यों पर पारदर्शिता की मांग, प्रोजेक्ट सूचना बोर्ड अनिवार्य करने की उठी आवाज
- By Gaurav --
- Tuesday, 17 Mar, 2026
Demand for Transparency in Chandigarh
जब विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हों, तब जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनके पैसे से क्या, कैसे और किसके द्वारा कार्य किया जा रहा है। पंजाब राज्य ने वर्ष 2020 में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रत्येक सरकारी प्रोजेक्ट स्थल पर प्रोजेक्ट सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य किया, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिली है।
इन बोर्डों पर परियोजना का नाम, लागत, समय-सीमा, ठेकेदार का विवरण, संबंधित अधिकारी का नाम एवं संपर्क, तथा कार्य का दायरा स्पष्ट रूप से अंकित होता है—जिससे आम नागरिक भी आसानी से कार्य की निगरानी कर सकते हैं।
दुर्भाग्यवश, चंडीगढ़ जैसे महत्वपूर्ण संघ शासित क्षेत्र में अभी तक ऐसी कोई अनिवार्य व्यवस्था लागू नहीं है। परिणामस्वरूप, अधिकांश परियोजनाएं बिना किसी सार्वजनिक जानकारी के चल रही हैं, जिससे पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।
यह स्थिति न केवल प्रशासनिक जवाबदेही को कमजोर करती है, बल्कि जन-विश्वास को भी प्रभावित करती है।
अतः प्रशासन से जोरदार मांग की जाती है कि:
चंडीगढ़ यू.टी. में प्रत्येक विकास कार्य स्थल पर प्रोजेक्ट सूचना बोर्ड लगाना तुरंत अनिवार्य किया जाए।
इस प्रावधान को सभी विभागों के टेंडर की शर्तों में स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए।
सूचना बोर्ड का एक मानकीकृत और स्पष्ट प्रारूप निर्धारित किया जाए।
नियमों के अनुपालन हेतु सख्त निगरानी और दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं।
अब समय आ गया है कि “विकास” केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि ज़मीन पर भी पूरी पारदर्शिता के साथ दिखाई दे। चंडीगढ़ प्रशासन को इस दिशा में शीघ्र और ठोस कदम उठाने चाहिए।