Delhi-Sonipat-Panipat-Karnal RRTS Corridor: These cities will get high-speed

दिल्ली-सोनीपत-पानीपत-करनाल RRTS कॉरिडोर: इन शहरों को मिलेगी तेज रफ्तार कनेक्टिविटी, बनेंगे नए स्टेशन

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Delhi-Sonipat-Panipat-Karnal RRTS Corridor: These cities will get high-speed

दिल्ली-एनसीआर में परिवहन व्यवस्था को और तेज और आधुनिक बनाने के लिए दिल्ली-सोनीपत-पानीपत-करनाल RRTS (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर पर काम तेज हो रहा है। यह हाई-स्पीड रेल परियोजना दिल्ली और हरियाणा के कई प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली है। इस कॉरिडोर के बनने से दिल्ली से करनाल तक की यात्रा पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगी।

यह परियोजना 136 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित है और इसका संचालन National Capital Region Transport Corporation द्वारा किया जाएगा। यह लाइन दिल्ली के सarai काले खां से शुरू होकर सोनीपत, पानीपत होते हुए करनाल तक जाएगी।

यात्रा समय में होगी भारी कमी

इस हाई-स्पीड रैपिड रेल के शुरू होने के बाद यात्रियों को बड़ा फायदा मिलेगा। दिल्ली से करनाल का सफर करीब 90 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जबकि अभी सड़क मार्ग से इसमें काफी ज्यादा समय लगता है। इसी तरह दिल्ली से सोनीपत और पानीपत की दूरी भी काफी कम समय में तय हो सकेगी।

RRTS ट्रेनों की अधिकतम गति लगभग 160 से 180 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है, जिससे यह देश की सबसे तेज क्षेत्रीय रेल सेवाओं में शामिल होगी।

कुल दूरी और स्टेशन

इस कॉरिडोर में लगभग 16 से 22 स्टेशन बनाए जाने की योजना है, जो दिल्ली और हरियाणा के प्रमुख शहरों को जोड़ेंगे।

संभावित प्रमुख स्टेशन इस प्रकार बताए जा रहे हैं:

  • सराय काले खां

  • कश्मीरी गेट / दिल्ली क्षेत्र के अन्य स्टेशन

  • नरेला

  • कुंडली

  • सोनीपत

  • मुरथल

  • गन्नौर

  • समालखा

  • पानीपत

  • करनाल

ये स्टेशन ऐसे स्थानों पर बनाए जाएंगे जहां से आसपास के औद्योगिक और रिहायशी क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।

किराया कितना हो सकता है

इस कॉरिडोर के लिए आधिकारिक किराया अभी घोषित नहीं किया गया है। हालांकि RRTS परियोजनाओं में आमतौर पर दूरी के आधार पर किराया तय किया जाता है।

दूसरे RRTS कॉरिडोर के उदाहरण के अनुसार संभावित किराया इस प्रकार हो सकता है:

  • 10 किमी तक – लगभग ₹20 से ₹30

  • 10 से 30 किमी – ₹40 से ₹70

  • 30 से 50 किमी – ₹80 से ₹120

  • पूरे कॉरिडोर के लिए – लगभग ₹140 से ₹150 तक

प्रीमियम कोच में किराया सामान्य श्रेणी से लगभग 1.5 गुना ज्यादा हो सकता है।

दिल्ली-एनसीआर की ट्रैफिक समस्या को मिलेगी राहत

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या को कम करना है। हाई-स्पीड रेल शुरू होने से बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर में लाखों वाहनों का दबाव कम हो सकता है और यात्रा अधिक सुरक्षित तथा तेज हो जाएगी।

रियल एस्टेट और रोजगार पर भी पड़ेगा असर

दिल्ली-सोनीपत-पानीपत-करनाल कॉरिडोर के बनने से इन शहरों में विकास की गति तेज होने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण उद्योग, व्यापार और रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है।

विशेष रूप से सोनीपत और पानीपत जैसे शहरों में नए औद्योगिक और आवासीय प्रोजेक्ट आने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

तीन बड़े RRTS कॉरिडोर का हिस्सा

दिल्ली-एनसीआर में कुल तीन प्रमुख RRTS कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं:

  1. दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ

  2. दिल्ली-सोनीपत-पानीपत-करनाल

  3. दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी

इन तीनों कॉरिडोर का मुख्य इंटरचेंज सarai काले खां स्टेशन होगा, जिससे यात्रियों को बिना ट्रेन बदले अलग-अलग रूट पर यात्रा करने की सुविधा मिल सकेगी।

निष्कर्ष

दिल्ली-सोनीपत-पानीपत-करनाल RRTS परियोजना दिल्ली-एनसीआर की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। तेज गति, कम यात्रा समय और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यह कॉरिडोर लाखों यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।