दिल्ली विधानसभा में 'डिजिटल धमाका': बजट के साथ गूंजेगा वंदे मातरम, रोबोटिक 'साथी' करेगा विधायकों की मदद!
अब कागज-कलम को कहिए 'टा-टा', विधानसभा में छाएगा एआई का जलवा और सुरों का जादू!
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा का आगामी बजट सत्र इस बार सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि पूरी तरह 'रॉकस्टार' अवतार में नजर आने वाला है! 23 से 25 मार्च तक चलने वाले इस सत्र में वो सब होने वाला है, जो आपने पहले कभी किसी विधानसभा में नहीं देखा होगा। अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने तैयारियों का ऐसा 'रडार' घुमाया है कि पुरानी परंपराएं अब नए जमाने के डिजिटल तड़के के साथ परोसी जाएंगी।
1. सुरों से होगी सुबह, लाइव मचेगा धूम! सत्र की शुरुआत किसी बोरियत से नहीं, बल्कि देशभक्ति के जोश के साथ होगी। पहली बार सदन में कोई नामी गायक लाइव ‘वंदे मातरम’ का गायन करेंगे। यानी अब कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सदन का माहौल पूरी तरह 'पॉजिटिव वाइब्स' से भर जाएगा।
2. विधायकों के हाथ में होंगे 'टैबलेट', अब नहीं चलेगी बहानेबाजी! भूल जाइए वो भारी-भरकम फाइलें और कागजों के ढेर। अब हर विधायक की मेज पर चमचमाता डिजिटल टैबलेट होगा। बिल पढ़ना हो या पुराने रिकॉर्ड खंगालने हों, सब कुछ बस एक 'क्लिक' की दूरी पर होगा। नेता जी अब ये नहीं कह पाएंगे कि "अरे, वो वाली फाइल घर छूट गई!"
3. मिलिए 'विधान साथी' से: विधानसभा का अपना 'गूगल'! दिल्ली विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा बनने जा रही है, जिसके पास अपना खुद का एआई (AI) चैटबॉट होगा, जिसका नाम है— ‘विधान साथी’। यह किसी 'जीनी' से कम नहीं है। किसी भी एक्ट या पॉलिसी पर डेटा चाहिए? बस पूछिए 'विधान साथी' से और जवाब हाजिर! अब चर्चा हवा में नहीं, बल्कि डेटा की सॉलिड जमीन पर होगी।
4. 24 मार्च: 'पैसे' की बात, दिल्ली के साथ! सत्र का असली क्लाइमेक्स 24 मार्च को देखने को मिलेगा, जब दिल्ली का सालाना बजट पेश किया जाएगा। देखना दिलचस्प होगा कि तिजोरी से दिल्ली वालों के लिए क्या-क्या निकलता है।
अध्यक्ष का सख्त संदेश: विजेंद्र गुप्ता ने साफ कर दिया है कि ये 'लोकतंत्र का मंदिर' है, इसलिए चर्चा का लेवल 'ए-वन' होना चाहिए। सुरक्षा से लेकर तकनीक तक, सब कुछ चकाचक रखने के निर्देश दिए गए हैं।