उत्तर प्रदेश: पदोन्नत पीसीएस अधिकारियों के अप्रैल–मई वेतन में देरी, समाधान के आदेश जारी
Delay in April–May Salaries of Promoted PCS Officers
लखनऊ। Delay in April–May Salaries of Promoted PCS Officers, शासन स्तर से वेतन पर्ची जारी होने में हो रही देरी के कारण प्रदेश के पदोन्नत पीसीएस अधिकारियों को अप्रैल और मई माह का वेतन नहीं मिल पाया है।
इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश प्रांतीय सिविल सेवा (प्रोन्नत अधिकारी) संघ ने मंगलवार को प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की है। ज्ञापन मिलने के बाद नियुक्ति विभाग ने पूर्व निर्धारित दरों पर वेतन भुगतान के आदेश जारी कर दिए।
विशेष सचिव नियुक्ति अनिल कुमार सिंह की ओर से सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को भेजे आदेश में कहा गया है कि प्रदेश के 60 जिलों से अधिकारियों की सेवापुस्तिकाएं प्राप्त हो चुकी हैं और उनके परीक्षण के बाद वेतन प्राधिकार पत्र जारी करने की प्रक्रिया चल रही है।
कुछ जिलों में नायब तहसीलदार और तहसीलदार पद पर किए गए वेतन निर्धारण में विसंगतियां मिलने से प्रक्रिया में विलंब हो रहा है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन अधिकारियों का वेतन प्राधिकार पत्र अभी जारी नहीं हो पाया है, उन्हें समूह ‘ख’ के पे मैट्रिक्स लेवल-10 के अनुसार अप्रैल और मई माह का वेतन पूर्व निर्धारित दर पर भुगतान किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
संघ के अध्यक्ष विनय कुमार मिश्र ने बताया कि लखनऊ, सीतापुर, बलिया, प्रतापगढ़, लखीमपुर खीरी, सोनभद्र, मैनपुरी, देवरिया, मथुरा, बुलंदशहर, अमरोहा, महराजगंज और संतकबीरनगर समेत कई जिलों के पदोन्नत पीसीएस अधिकारियों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है।
उनका कहना है कि नियुक्ति विभाग द्वारा समय पर वेतन पर्ची जारी न किए जाने के कारण कोषागार से वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है। इस कारण अधिकारियों को पारिवारिक खर्च, बच्चों की शिक्षा, ऋण की ईएमआई और चिकित्सीय आवश्यकताओं की पूर्ति में गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
संघ ने चेताया है कि तकनीकी और प्रक्रियागत कारणों से वेतन भुगतान में हो रही देरी अधिकारियों के मनोबल को प्रभावित कर रही है, जबकि वे फील्ड और सचिवालय स्तर पर पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।