साइबर ठगी का पर्दाफाश

साइबर ठगी का पर्दाफाश

Cyber ​​Fraud Exposed

Cyber ​​Fraud Exposed

Cyber ​​Fraud Exposed : साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन निवेश घोटाले का खुलासा करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जो महिला से साढ़े पाँच करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। पुलिस के अनुसार ठगी की गई राशि इन्हीं आरोपियों के खातों में ट्रांसफर की गई थी। साथ ही पुलिस ने ठगी में उपयोग किए गए मोबाइल फोन को भी बरामद कर लिया है, जबकि गिरोह के एक और सदस्य को वांछित घोषित किया गया है।

शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई

एडिशनल डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि 30 अक्टूबर को पीड़ित महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि एक अनजान व्यक्ति ने सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क किया और उसे निवेश से जुड़े एक व्हाट्सऐप ग्रुप में शामिल किया। महिला को लालच देकर निवेश कराने के बाद उससे कुल पाँच करोड़ साठ लाख रुपये की ठगी कर ली गई।

मेरठ से जुड़े तार

जांच के दौरान मेरठ के दो युवकों के नाम सामने आए, जिनके बैंक खातों में यह राशि ट्रांसफर की गई थी। शुक्रवार को पुलिस टीम ने रेकी के बाद दोनों को हापुड़ से गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान मेरठ निवासी साहब सिंह और नीरज के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि साहब सिंह के खाते में 65,27,404 रुपये आए थे। जब पुलिस ने एनसीआरपी पोर्टल पर उसका विवरण जांचा तो पाया कि उसके खाते से जुड़ी देशभर के विभिन्न राज्यों में कुल 22 शिकायतें दर्ज हैं।

कमीशन पर उपलब्ध कराते थे बैंक खाते

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि साहब सिंह ठगी से प्राप्त राशि को निकालकर अपने साथी नीरज को सौंप देता था और इस कार्य के बदले भारी कमीशन लेता था। नीरज आगे इन सक्रिय बैंक खातों को अपने साथी चरणजीत को उपलब्ध कराता था, जिसके निर्देशों पर पूरा गिरोह काम करता था। निवेश के नाम पर लोगों से ठगे गए पैसे इन्हीं बैंक खातों में जमा होते थे और आगे गिरोह के सदस्यों में बांट दिए जाते थे।