बिहार में सत्ता परिवर्तन का 'काउंटडाउन': 14 अप्रैल को नीतीश दे सकते हैं इस्तीफा; 15 को नई सरकार का शपथ ग्रहण!

बिहार में सत्ता परिवर्तन का 'काउंटडाउन': 14 अप्रैल को नीतीश दे सकते हैं इस्तीफा; 15 को नई सरकार का शपथ ग्रहण!

Countdown to a Change of Power in Bihar

'Countdown' to a Change of Power in Bihar

पटना। 'Countdown' to a Change of Power in Bihar, बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव होने की आहट तेज हो गई है। नई सरकार के गठन की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है और राजनीतिक हलकों में तेजी से गतिविधियां बढ़ी हैं।

संभावना जताई जा रही है कि 14 अप्रैल को कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री Nitish Kumar अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, 15 अप्रैल को पटना स्थित लोकभवन में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है।

मप्र के पूर्व सीएम को बड़ी जिम्‍मेदारी

इसी के साथ भारतीय जनता पार्टी ने भी विधायक दल का नेता चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि सत्ता का नेतृत्व बदल सकता है।

भाजपा नेतृत्व ने इस अहम प्रक्रिया के लिए मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री श‍िवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने आधिकारिक पत्र जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि पार्टी संसदीय बोर्ड के निर्देश पर बिहार में विधायक दल के नेता के चुनाव की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है।

भाजपा के अनुशंसित चेहरे पर बनेगी सहमत‍ि 

इससे पहले बिहार सरकार के संसदीय कार्य मंत्री व‍िजय कुमार चौधरी ने भी संकेत दिया था कि मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला भारतीय जनता पार्टी ही करेगी और उसके द्वारा सुझाए गए नाम पर एनडीए विधायक दल की बैठक में सहमति बनाई जाएगी।

हालांकि, मुख्यमंत्री पद के लिए कई नामों की चर्चा जारी है, लेकिन अभी तक किसी एक चेहरे पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई है।

ऐसे में राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक, हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।

इस बीच, नीतीश कुमार ने भी अपने आवास को लेकर हलचल तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार, एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास से उनके सामान को 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में शिफ्ट किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014 में भी उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद इसी आवास में निवास किया था, जब सत्ता जीतन राम मांझी को सौंपी गई थी।

अब एक बार फिर बिहार की सियासत निर्णायक मोड़ पर खड़ी है, जहां आने वाले 48 घंटे राज्य की राजनीतिक दिशा तय कर सकते हैं।