जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में सर्जरी को लेकर विवाद, जांच में सामने आई प्रक्रिया संबंधी चूक

जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में सर्जरी को लेकर विवाद, जांच में सामने आई प्रक्रिया संबंधी चूक

Controversy over Surgery at Jodhpur

Controversy over Surgery at Jodhpur

नई दिल्ली। Controversy over Surgery at Jodhpur, राजस्थान के जोधपुर स्थित मथुरादास माथुर से एक वृद्ध के पैरों के ऑपरेशन का मामसा सुर्खियों में है। जहां एक वृद्ध महिला के दोनों पैरों के ऑपेरशन होने थे। लेकिन डॉक्टर ने वृद्ध के परिजनों को केवल एक पैर के बारे में ही बताया, इससे बाएं पैर की जगह दाएं पैर के ऑपरेशन की अफवाह फैल गई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जांत कमेटी बनाई गई। जांच में सामने आया कि महिला के दनों पैरों में फैक्चर थे। डॉक्टर को पहले बाएं पैर का ऑपरेशन करना था, फिर दाएं पैर का, लेकिन डॉक्टर ने पहले दाएं पैर का ऑपरेशन कर दिया। इसके बाद अगले दिन बाएं पैर का ऑपरेशन किया।

 

इन डॉक्टरों की लापरवाही उजागर

मामले की जांच के लिए बनी कमेटी ने इसे स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) की पालना नहीं होने का मामला माना। जांच कमेटी ने ऑर्थो के यूनिट प्रभारी डॉ. रामकिशन चौधरी के साथ ट्रोमा ओटी में ऑर्थोपेडिक विभाग के रेजिडेंट डॉ. महेंद्र कुमार खोरवाल, डॉ. स्वास्तिक, एसआर डॉ. शांतनु जांगिड़, एनेस्थेसिया के द्वितीय ईयर के रेजिडेंट डॉ. कपिल व नर्सिंग अधिकारी राजेंद्र राजपुरोहित की लापरवाही मानी है।

क्या है पूरा मामल?

अस्पताल अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित के अनुसार, 66 वर्षीय चंपादेवी मारपीट में घायल हो गई थी। जिसे 22 अप्रैल को एमडीएमएच में भर्ती किया गया। 27 अप्रैल को ट्रोमा ओटी में दाएं और 28 को बाएं पैर का ऑपरेशन किया गया और 30 अप्रैल को डिस्चार्ज कर दिया गया। इस दौरान किसी ने गलत ऑपरेशन होने की अफवाह फैलाते हुए शिकायत कर दी।

वहीं, महिला परिजनों का कहना है कि दोनों पैरों का ऑपरेशन सही हुआ। किसी पड़ोसी ने गलत शिकायत कर दी थी। हमें कोई शिकायत नहीं है।