एनआईटी कुरुक्षेत्र के 188 करोड़ के प्रोजेक्ट पर उठे सवाल, फंड डायवर्जन के आरोप
Controversy Deepens Over
National Institute of Technology Kurukshetra में 188.6 करोड़ रुपये के “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मैकेनिकल सिस्टम” (CEMAS) प्रोजेक्ट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रोजेक्ट में नियमों के उल्लंघन और करीब 22 करोड़ रुपये के फंड डायवर्जन के आरोप लगाए गए हैं।
पूर्व रजिस्ट्रार और शिक्षकों द्वारा Ministry of Education को भेजी गई शिकायत के बाद अब मंत्रालय स्तर पर जांच तेज कर दी गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि परियोजना के दौरान सामान्य वित्तीय नियमों का पालन नहीं किया गया और कई भुगतान प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं।
बताया गया है कि ऑडिट रिपोर्ट 2020-21 और 2021-22 में भी वित्तीय गड़बड़ियों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ खरीद प्रक्रियाओं में खुली प्रतिस्पर्धा और ऑनलाइन बिडिंग से जुड़े नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया।
मामले में 20 करोड़ रुपये से अधिक के खर्च और उससे जुड़े फंड ट्रांसफर की विशेष जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि परियोजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है।
हालांकि एनआईटी प्रशासन का कहना है कि उन्हें अभी तक मंत्रालय की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।