सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात पर कांग्रेस का बड़ा बयान, विलय की अटकलों को बताया निराधार
Congress issues major statement on Sonia Gandhi-Mamata
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी के बीच हाल ही में हुई बैठक को दोनों पार्टियों के विलय वार्ता से जोड़ने वाली खबरों को "पूरी तरह से गलत" बताते हुए खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि गांधी और बनर्जी के बीच हुई बैठक सौहार्दपूर्ण थी, जिसमें दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को देखते हुए व्यक्तिगत मामलों पर चर्चा हुई।
एक्स पर एक पोस्ट में रमेश ने कहा कि सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच हुई बैठक में जो कुछ भी हुआ, उसके बारे में कुछ समाचार रिपोर्टें पूरी तरह से गलत हैं। बैठक बहुत सौहार्दपूर्ण थी और उनके लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को देखते हुए कई निजी मामलों पर भी चर्चा हुई।"
यह स्पष्टीकरण मीडिया के कुछ वर्गों में नई दिल्ली में सोनिया गांधी और बनर्जी की मुलाकात के बाद कांग्रेस और टीएमसी के बीच राजनीतिक विलय की संभावना को लेकर चल रही अटकलों के बीच आया है।
नई दिल्ली में करीब 30 मिनट की दोनों नेताओं की वार्ता मंगलवार को तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी की कांग्रेस संसदीय बोर्ड की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद हुई है। सोनिया और ममता की मुलाकात में पुराने मतभेदों को भुलाते हुए आइएनडीआइए गठबंधन को मजबूत करने का निर्णय लिया गया था।
इससे पहले सोमवार को नई दिल्ली में विपक्षी नेताओं की बैठक हुई थी जिसमें मोदी सरकार की नीतियों का एकजुट होकर विरोध करने का निर्णय लिया गया था। विपक्षी गठबंधन का अनुमान है कि तृणमूल और कांग्रेस के साथ आने से मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष की लड़ाई और धारदार होगी।
सूत्रों के अनुसार बंगाल में हुई हार और उसके बाद पार्टी में हुई टूट के बाद ममता को राजनीतिक वजूद बचाए रखने के लिए अब विपक्षी एकता को मजबूत करने की जरूरत महसूस हो रही है। इसी के चलते कांग्रेस से दूरी बनाए रखने वालीं ममता गर्मजोशी से सोनिया से गले मिली हैं।