राज्यसभा का रण: हिमाचल में कांग्रेस की 'अग्निपरीक्षा', 2024 की टीस और फूंक-फूंक कर बढ़ते कदम

राज्यसभा का रण: हिमाचल में कांग्रेस की 'अग्निपरीक्षा', 2024 की टीस और फूंक-फूंक कर बढ़ते कदम

Congress faces

Congress faces 'ordeal' in Himachal, 2024 angst and cautious steps

शिमला। Congress faces 'ordeal' in Himachal, 2024 angst and cautious steps, हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीति गरमा गई है। राज्यसभा का यह चुनाव कांग्रेस सरकार के लिए सियासी परीक्षा लेने को तैयार है। सत्ताधारी दल कांग्रेस के पास 40 सीटें है। बावजूद इसके प्रत्याशी के नाम को लेकर उधेड़बुन की स्थिति में फंसी हुई है।

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू मंगलवार दोपहर बाद दिल्ली से शिमला लौट आए। राज्यसभा प्रत्याशी को लेकर दिल्ली में तीन दौर की बैठकें हुईं। पहले मुख्यमंत्री का बीते सोमवार को वापस लौटने का कार्यक्रम था, अंतिम समय में इसमें बदलाव हुआ।

मंत्रियों व विधायकों की राय बताई

सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री ने दिल्ली में पार्टी शीर्ष नेतृत्व को प्रदेश के विधायकों व मंत्रियों की राय से अवगत करवा दिया है। अंतिम फैसला हाईकमान पर छोड़ दिया है। हिमाचल के नेता चाहते हैं कि इस बार प्रत्याशी हिमाचल से संबंधित हो। 

राज्यसभा सीट पर कइयों की नजर

प्रत्याशी को लेकर कांग्रेस में उधेड़बुन की स्थिति इसलिए है, क्योंकि प्रदेश के नेताओं के अलावा पार्टी के कई राष्ट्रीय नेता भी खाली हुई सीट पर नजर रखे हुए हैं। पवन खेड़ा व सुप्रिया श्रीनेत का नाम भी चर्चा में आया है। वहीं पार्टी सूत्रों के मुताबिक पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा रेस में सबसे आगे हैं। कर्नल धनीराम शांडिल, सहित युवा चेहरों पर भी हाईकमान दांव खेल सकता है।

पिछली गलतियों से लिया सबक

वर्ष 2024 में कांग्रेस ने अभिषेक मनु सिंघवी को प्रत्याशी बनाकर वह बहुमत में होते हुए हार गई थी। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान की पूरी नजरें इस चुनाव पर हैं। कांग्रेस नेताओं की माने तो पिछली गलतियों को इस बार नहीं दोहराया जाएगा।

5 को विधायक दल, प्रभारी कल पहुंच सकती हैं शिमला

राज्यसभा चुनाव के लिए 5 मार्च को नामांकन पत्र दाखिल किया जाना है। इसी दिन कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी होगी। कांग्रेस प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल भी इस बैठक में हिस्सा लेने शिमला आएंगी। बुधवार शाम को वह शिमला पहुंच सकती हैं। वीरवार को सुबह 11 बजे विधायक दल की बैठक होगी। इसके बाद नामांकन पत्र दाखिल किया जाएगा। बैठक में सभी विधायकों के साथ चर्चा के बाद प्रत्याशी नामांकन भरेगा। 

कवरिंग कैंडीडेट भी रहेगा तैयार

संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सभी विधायकों को बैठक में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों की मानें तो प्रत्याशी के अलावा कवरिंग कैंडिडेट को भी अपने कागजात तैयार रखने के निर्देश दे दिए हैं।

दो साल में बदल गई हैं राजनीतिक परिस्थितियां

2024 में जब राज्यसभा सीट के लिए चुनाव हुआ था तो कांग्रेस की 40 सीटें थी, भाजपा की 25 सीटें थी और 3 निर्दलीय विधायक थे। इस बार कांग्रेस के पास 40 सीटें है और भाजपा की सीटें 28 हैं। पिछली बार कांग्रेस के छह विधायकों ने क्रॉस वोट किया था और निर्दलीय का समर्थन मिला था। इस बार कोई भी निर्दलीय नहीं है। बावजूद इसके कांग्रेस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।