अनुदेशकों को सीएम योगी की बड़ी सौगात: मानदेय बढ़कर हुआ ₹17,000; लोकभवन में मुख्यमंत्री ने खुद बांटे चेक!
CM Yogi's big gift to instructors: Honorarium increased
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को जरूरत से ज्यादा संवेदनशील या छुईमुई बनाने के बजाय उन्हें मजबूत, अनुशासित और आत्मनिर्भर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। यदि बच्चे स्कूल में स्वच्छता या अन्य जिम्मेदारी वाले कार्यों में सहयोग करते हैं तो उसे नकारात्मक रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
बच्चों में अनुशासन, जिम्मेदारी और श्रम के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में यदि कोई शिक्षक बच्चों को स्वच्छता जैसे कार्यों से जोड़ता है तो उसे दंडित करने के बजाय सम्मानित किया जाना चाहिए।
रविवार को लोकभवन सभागार में आयोजित 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने अंशकालिक अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक भी वितरित किया।
बताया कि वर्ष 2011-12 में छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 41,307 अंशकालिक अनुदेशकों की नियुक्ति की गई थी। उस समय सात हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय था। वर्तमान में 24,296 अनुदेशक सेवाएं दे रहे हैं। वर्ष 2011-12 से 2022 तक मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।

वर्ष 2019 में अनुदेशक महासंघ के साथ बैठक में इस पर चर्चा हुई थी, लेकिन चुनाव अधिसूचना के कारण निर्णय नहीं हो सका। वर्ष 2022 में सरकार ने दो हजार रुपये की वृद्धि की थी, लेकिन अब मानदेय बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
साथ ही अनुदेशकों को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा भी दी गई। निर्देश दिया कि बेसिक शिक्षा परिषद के पोर्टल पर जल्द पंजीकरण कराएं ताकि अगले सप्ताह स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा सकें। कहा कि कई स्कूलों में छात्र संख्या कम होने के कारण अनुदेशकों की सेवाएं समाप्त करने के प्रस्ताव आए थे, लेकिन सरकार ने उन्हें अस्वीकार कर ‘स्कूल चलो अभियान’ और ‘आपरेशन कायाकल्प’ शुरू किया।
आज 96 प्रतिशत विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ड्रॉपआउट दर 17-18 प्रतिशत से घटकर लगभग तीन प्रतिशत रह गई है और लक्ष्य इसे शून्य तक पहुंचाने का है। सरकार बच्चों को यूनिफार्म, जूते-मोजे, स्वेटर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
अभिभावकों के खातों में सीधे धनराशि भेजी जा रही है और पुस्तकें भी समय पर उपलब्ध कराई जाएंगी। श्रमिकों और निराश्रित बच्चों के लिए 18 अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं, जहां 18 हजार बच्चों के रहने और पढ़ने की व्यवस्था है। इसी तर्ज पर हर जिले में दो-दो मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को 12वीं तक अपग्रेड किया जा रहा है और सभी 825 विकासखंडों में नए विद्यालयों के लिए धनराशि जारी कर दी गई है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों के सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने विभाग की उपलब्धियां गिनाईं, जबकि कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि अनुदेशकों की लंबे समय से चली आ रही मानदेय बढ़ाने की मांग अब पूरी हो गई है।
कार्यक्रम में समग्र प्रगति पत्र का विमोचन भी किया गया। विधान परिषद सदस्य इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह, लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक नीरज बोरा व अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा समेत कई लोग मौजूद रहे।
बुके नहीं, बुक से सम्मान
बेसिक शिक्षा विभाग ने समारोह में पारंपरिक बुके की जगह पुस्तकों को सम्मान का माध्यम बनाकर एक नई और प्रेरक पहल की। मुख्यमंत्री को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध कृति रश्मिरथी और संस्कृत के चार अध्याय पुस्तक भेंट की गई। वहीं उप मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री को शिवाजी सावंत की पुस्तक युगंधर भेंट की गई।
प्रतीकात्मक चेक देकर भरोसे का संदेश
लखनऊ समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी अनुदेशकों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। बढ़ा हुआ मानदेय पहले ही अनुदेशकों के खातों में भेज दिया गया है। कार्यक्रम में 14 अनुदेशकों को प्रतीकात्मक चेक देकर सरकार ने उनके प्रति अपने सहयोग और सम्मान का संदेश दिया।
इनमें गोरखपुर, वाराणसी, अयोध्या, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, हमीरपुर, लखनऊ, अलीगढ़, उन्नाव और हरदोई के अनुदेशक शामिल रहे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के पास ‘न्यूज और व्यूज’ दोनों होते हैं। सरकार ने अनुदेशकों का मानदेय लगभग दोगुण बढ़ाया है और आगे भी उनके हित में काम किया जाएगा।
कहा कि वह स्वयं वकील हैं और शिक्षकों की पैरवी आगे भी करते रहेंगे। वहीं, मुख्यमंत्री ने भी कहा कि अनुदेशकों ने कभी टकराव या विरोध का रास्ता नहीं अपनाया, इसलिए सरकार भविष्य में भी उनके हित में सकारात्मक निर्णय लेती रहेगी।