ग्रेटर नोएडा: अस्पताल उद्घाटन से अचानक रैली, सीएम योगी ने विकास का संदेश दिया
M Yogi gives message of development
ग्रेटर नोएडा: CM Yogi gives message of development, सीएम योगी आदित्यनाथ का निजी अस्पताल के उद्घाटन का कार्यक्रम अचानक ही रैली में बदल गया। पहले यहां केवल अस्पताल के उद्घाटन का ही कार्यक्रम था। तीन दिन पहले ही इसे रैली के रूप में करने के निर्देश दिए गए और पुलिस-प्रशासन इसे अमलीजामा पहनाने में जुटा। उसके बाद मीडियाकर्मियों को बुलाने का समय बदला गया। साथ ही बीजेपी के नेताओं को भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी दी गई।
माना जा रहा है कि अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनावों के लिए जमीन को मजबूत करने की रणनीति के तहत ऐसा किया गया, जिसमें जनता के बीच मेसेज देने का कोई मौका पार्टी और सीएम नहीं छोड़ना चाहते हैं। आयोजकों का पहले छोटे स्तर पर उद्घाटन समारोह करने का प्लान था। मीडिया को शाम साढ़े चार बजे का आमंत्रण पत्र अस्पताल प्रबंधन की ओर से भेजा गया।
होली से एक दिन पहले रैली करने का मिला संदेश
होली से एक दिन पहले अचानक से इसे रैली करने का संदेश मिला। जिला प्रशासन के सूचना विभाग ने मीडियाकर्मियों को रैली के लिए दोपहर में आमंत्रित किया। लोगों के बैठने से लेकर पार्किंग तक के बंदोबस्त किए गए। यहां रैली से विकास का संदेश दिया गया। इसमें बताया गया कि सरकार ने कैसे प्रदेश की तस्वीर बदली है।
ये अस्पताल नहीं, बल्कि एक निवेश है, जिसमें लोगों को रोजगार भी मिलेगा। वर्ष 2014 तक देश में केवल 6 एम्स ही कार्य कर रहे थे, जबकि आज देशभर में 25 एम्स और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य संस्थान कार्यरत है। यूपी में भी स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हुआ है। वर्ष 2017 से पहले राज्य में सरकारी क्षेत्र में केवल 17 मेडिकल कॉलेज संचालित थे।
सीएम योगी आदित्यनाथ
पूर्व की सरकारों पर कसा तंजसीएम ने रैली के माध्यम से पूर्व की सरकारों पर भी तंज कसा। सांसद और विधायक ने भी सरकार की उपलब्धियों को बताया। सीएम ने कहा कि ये अस्पताल नहीं, बल्कि एक निवेश है, जिसमें लोगों को रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने केंद्र सरकार के बारे में कहा कि वर्ष 2014 तक देश में केवल 6 एम्स ही कार्य कर रहे थे, जबकि आज देशभर में 25 एम्स और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य संस्थान कार्यरत है। उत्तर प्रदेश में हुए काम भी गिनाए। कहा कि यूपी में भी स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हुआ है। वर्ष 2017 से पहले राज्य में सरकारी क्षेत्र में केवल 17 मेडिकल कॉलेज संचालित थे।