सीएम भजनलाल का प्रहार: "विपक्ष ने महिला आरक्षण रोककर 'काला अध्याय' लिखा; जनता सिखाएगी सबक"

सीएम भजनलाल का प्रहार: "विपक्ष ने महिला आरक्षण रोककर 'काला अध्याय' लिखा; जनता सिखाएगी सबक"

CM Bhajanlal Hits Out:

CM Bhajanlal Hits Out: "The Opposition Wrote a 'Dark Chapter

 CM Bhajanlal Hits Out: "The Opposition Wrote a 'Dark Chapter, सीएम भजनलाल शर्मा ने रविवार को जयपुर में भाजपा प्रदेश कार्यालय पर महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है. मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा कि जिस पार्टी की देश में सबसे ज्यादा सरकार रही, उसने महिलाओं के बारे में नहीं सोचा. लोकसभा और राज्यसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार यह अधिनियम लेकर आई, लेकिन विपक्ष ने इसे पारित नहीं होने दिया और इसे “काला अध्याय” बना दिया. बीजेपी दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम भजनलाल के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी सहित कई वरिष्ठ महिला नेता मौजूद रहीं.

'महिला आरक्षण पर विपक्ष का नकारात्मक रुख'

सीएम ने कहा कि देश की आधी आबादी को उसका हक मिलना चाहिए, इसलिए मोदी जी लोकसभा में विधेयक लाए, लेकिन विपक्ष के नकारात्मक रवैये के कारण बिल पारित नहीं हो सका. आजादी के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली पार्टियों ने महिलाओं के अधिकारों पर गंभीरता से काम नहीं किया. मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति का हवाला देते हुए कहा कि यहां महिलाओं को हमेशा अग्रणी स्थान दिया गया है और केंद्र सरकार ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” सहित कई योजनाओं के जरिए महिलाओं को सशक्त किया है.

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि वे महिलाओं को आगे बढ़ते नहीं देख सकते. उन्होंने कहा कि पहले बिल को पास नहीं होने दिया गया और फिर इसका जश्न मनाना शर्मनाक है. उन्होंने कांग्रेस सहित अन्य दलों पर ट्रिपल तलाक, CAA और अन्य मुद्दों पर भी नकारात्मक रुख अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि समय आने पर महिलाएं इसका जवाब देंगी. 

 

'महिला सम्मान का ढोंग करता है विपक्ष'

बिल को रोकना इंडी गठबंधन की सोची समझी रणनीति थी. गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के सवालों का एक एक कर जवाब दिया. विपक्ष के यही दल महिला सम्मान का ढोंग करते हैं, लेकिन मौका आया तो विरोध में खड़े हो गए. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस ने महिला सम्मान की बातें की, लेकिन शाहबानो केस सबके सामने है. विपक्ष ने राष्ट्रहित के बजाए निजी स्वार्थ की बात की. देश हित में विपक्ष ने हर संभव विरोध किया. 

केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि जब बिल सदन में आया, तब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, जिससे सभी को शर्मिंदगी हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि बिल पास नहीं होने के बाद विपक्ष ने जश्न मनाया, जिसे नारी अपमान बताया. उन्होंने कहा कि महिलाएं अब यह अपमान सहन नहीं करेंगी और इसका जवाब देंगी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी पर भी महिला आरक्षण बिल के विरोध का आरोप लगाया गया. भाजपा ने इस मुद्दे को महिला सम्मान से जोड़ते हुए साफ संकेत दिए कि आने वाले चुनावों में इसे प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा.