राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए दिल्ली पहुंचे सीएम भगवंत मान, पंजाब की सियासत में तेज हलचल

राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए दिल्ली पहुंचे सीएम भगवंत मान, पंजाब की सियासत में तेज हलचल

CM Bhagwant Mann Arrives in Delhi to Meet the President

CM Bhagwant Mann Arrives in Delhi to Meet the President

चंडीगढ़। CM Bhagwant Mann Arrives in Delhi to Meet the President, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए दिवील्ली रवाना हो गए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उनसे पहले आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा सुबह करीब 11 बजे राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री की मुलाकात दोपहर 12 बजे तय है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचे हैं और इस दौरान वे बागी सांसदों से जुड़े पूरे घटनाक्रम पर सरकार का पक्ष राष्ट्रपति के सामने रखेंगे। वहीं, राघव चड्ढा अपने साथियों के साथ राष्ट्रपति से मिलकर पंजाब सरकार की ओर से की गई कार्रवाई पर सवाल उठाने की तैयारी में हैं।

गौरतलब है कि 24 अप्रैल को आप के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली थी। इनमें संदीप पाठक, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल, संजीव अरोड़ा और विक्रमजीत साहनी समेत अन्य नाम शामिल हैं। इन सांसदों ने इसे सामूहिक निर्णय बताते हुए नियमों के तहत कदम उठाने का दावा किया था।

आप कार्यकर्ताओं ने बागी सांसदों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया

इसके बाद 25 अप्रैल से पंजाब में आप कार्यकर्ताओं ने बागी सांसदों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। कई जगहों पर नारेबाजी और प्रदर्शन हुए। इसी बीच हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस लिए जाने का मामला भी सामने आया, जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा को और तेज कर दिया।

30 अप्रैल को पीपीसीबी (पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) की टीमों ने कुछ औद्योगिक इकाइयों में कार्रवाई की, जिसे भी इस पूरे घटनाक्रम से जोड़कर देखा गया। इसके बाद 2 मई को आप छोड़ने वाले सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब पुलिस ने भ्रष्टाचार और एक महिला के शोषण के आरोपों में गैर-जमानती एफआईआर दर्ज की। पुलिस टीम उनके दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची, लेकिन वे पहले ही वहां से निकल चुके थे।

वहीं, 1 मई को पंजाब विधानसभा में सरकार ने फ्लोर टेस्ट भी पास कर लिया। 117 सदस्यीय सदन में आप के 88 विधायकों ने सरकार के पक्ष में मतदान किया, जबकि विपक्ष ने इस प्रक्रिया का बहिष्कार किया।

अब मुख्यमंत्री भगवंत मान और राघव चड्ढा की राष्ट्रपति से अलग-अलग होने वाली मुलाकातों को अहम माना जा रहा है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क और घटनाक्रम से जुड़े मुद्दे सामने रखेंगे।