हरियाणा में कल से बरसेंगे बादल, इन जिलों में होगी बारिश
- By Gaurav --
- Sunday, 15 Feb, 2026
Clouds will rain in Haryana from tomorrow, it will rain in these districts
हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में कल रात से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। हाल ही में रात के तापमान में 0.6 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है, जिससे हल्की ठंडक बनी हुई है। हालांकि दिन के समय तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है और लोगों को हल्की गर्मी का अहसास भी होने लगा है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सोमवार रात से सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के मौसम में परिवर्तन होगा। इसके चलते 17 और 18 फरवरी को हरियाणा के कुछ जिलों में बारिश की संभावना बन सकती है। हालांकि यह बारिश पूरे प्रदेश में नहीं होगी, लेकिन कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक अगले दो दिनों में रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी संभव है। इसके बावजूद ठंड का असर पूरी तरह समाप्त नहीं होगा, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ के बाद भी वातावरण में ठंडक बनी रह सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में यदि बर्फबारी या वर्षा होती है, तो उसका सीधा प्रभाव मैदानी इलाकों, विशेषकर हरियाणा पर पड़ेगा और तापमान तेजी से नहीं बढ़ पाएगा।
वर्तमान में दिन और रात का औसत तापमान सामान्य श्रेणी में बना हुआ है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि आगामी दिनों में हल्की बारिश होती है तो इससे तापमान में अस्थायी गिरावट भी देखी जा सकती है।
कृषि क्षेत्र की बात करें तो फिलहाल रबी की फसलों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस बार गेहूं की फसल में अच्छा फुटाव हुआ है, जो पैदावार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। यदि मौसम संतुलित बना रहता है और अत्यधिक वर्षा या ओलावृष्टि नहीं होती, तो इस वर्ष गेहूं की उपज बेहतर रहने की संभावना है।
किसानों के लिए यह राहत की खबर है कि मौजूदा मौसम परिस्थितियां अभी तक अनुकूल बनी हुई हैं। हालांकि मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग की ताजा अपडेट पर नजर रखें और आवश्यकतानुसार अपनी फसलों की देखभाल करें।
कुल मिलाकर हरियाणा में आगामी दो से तीन दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जबकि 17 और 18 फरवरी को बारिश की संभावना ने लोगों और किसानों दोनों की चिंता और उम्मीदें बढ़ा दी हैं।