मुख्यमंत्री योगी का सपा-कांग्रेस पर तीखा प्रहार; 'इंडी गठबंधन' ने भाजपा पर लगाया झूठ फैलाने का आरोप

मुख्यमंत्री योगी का सपा-कांग्रेस पर तीखा प्रहार; 'इंडी गठबंधन' ने भाजपा पर लगाया झूठ फैलाने का आरोप

Chief Minister Yogi Launches Sharp Attack on SP-Congress

Chief Minister Yogi Launches Sharp Attack on SP-Congress

लखनऊ। Chief Minister Yogi Launches Sharp Attack on SP-Congress, उत्तर प्रदेश विधानमंडल के विशेष सत्र में गुरुवार को महिला आरक्षण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को ही कठघरे में खड़ा कर दिया। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान सपा ने सदन में और बाहर भी हंगामा किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभारी है। प्रधानमंत्री मोदी ने महिलओं के लिए इतना काम किया है कि उनकी महिलाएं जमकर और सभी जगह पर सराहना करती हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस तो हमेशा से महिलाओं के आरक्षण का विरोध करती हैं। सपा का महिला विरोधी आचरण है। ये हर महिला स्कीम का विरोध करते हैं। महिलाओं के बैंक खातों का विरोध किया था। सपा चाहती ही नहीं कि महिला आगे बढ़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर गरीब से गरीब व्यक्ति का बैंक खाता खुला। इस दौरान 30 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खोले गए। अब लाभ की राशिमहिलाओं के खाते में भेजी जाती है। आधी आबादी के आक्रोश पर समाजवादी पार्टी का रंग बदला है। सपा को देखकर गिरगिट भी सहम जाए.. सपा नेता बार-बार रंग बदलते हैं। सपा सरकार में महिलाओं पर अत्याचार हुआ।

उन्होंने कहा कि सपा के लोग उतावले दिखाई दे रहे है कि महिला आरक्षण पर सदन में मुद्दे पर चर्चा हो। अब तो विपक्ष का चेहरा बेनकाब हुआ। ये सत्र आधी आबादी को समर्पित है और विपक्ष महिला सशक्तिकरण में बाधा बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा व कांग्रेस का चेहरा बोलने का कुछ और है, दिखाने का कुछ और ही। प्रदेश सब जानता है, 1995 में दलित मुख्यमंत्री के साथ स्टेट गेस्ट हाऊस कांड हुआ। ये है सपा का आचरण।2014 में बदायूं में जो हुआ उस पर सपा ने ग़ैर जिम्मेदाराना बयान दिया था, आधी आबादी के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह सत्र इसलिए है कि एससी /एसटी /ओबीसी /महिला सबको सम्मान मिले। सपा और कांग्रेस तो महिला के श्राप से शापित हैं। कांग्रेस 40 वर्षसे यूपी में ज़ीरो है और अब सपा का भी वही हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पतन का कारण, उनका मौलवियों के सामने नाक रगड़ना है। शाह बानो प्रकरण में कांग्रेस ने क्या किया,अगर कांग्रेस मौलवी के दबाव में न आती तो शाहबानो को न्याय मिलता। ‍उन्होंने कहा कि तीन तलाक कानून में भी इंडी गठबन्धन ने इस कुप्रथा का समर्थन किया था। पर ये सुधरेंगे नहीं,देश को कठमुल्लापन की तरफ ले जाना चाहते हैं।

नारी सशक्तीकरण के मुद्दे पर बुलाए इस सत्र में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक के लोकसभा में गिरने को लेकर सत्ता पक्ष की ओर से निंदा प्रस्ताव पेश किया जा रहा है। इससे पहले बुधवार को सपा विधानमंडल दल ने पार्टी मुख्यालय में बैठक कर भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर महिला आरक्षण को लेकर झूठ बालने का आरोप लगा अति निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया।

सपा की ओर से विशेष सत्र के दौरान भी सत्ता पक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी कर ली गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव की उपस्थिति में हुई बैठक में प्रस्ताव पेश करते हुए कहा गया कि हम इस ‘अति निंदा प्रस्ताव’ द्वारा केंद्र की भाजपा सरकार व उनके सहयोगी दलों की घोर निंदा करते हैं, जो महिला आरक्षण का ढोंग करते हैं और जिनका मंसूबा इस बिल के बहाने निर्वाचन क्षेत्रों का मनचाहा परिसीमन करके चुनाव जीतना था, न कि सच में महिलाओं को अधिकार देकर उनका सशक्तीकरण करना।

प्रस्ताव में कहा गया कि भाजपा झूठ फैला रही है कि ये बिल विपक्ष ने पारित नहीं होने दिया, जबकि ये बिल सभी दलों ने मिलकर पास किया था और जो बिल पारित नहीं हो सका, वो दरअसल परिसीमन बिल था। भाजपा ने महिला आरक्षण में पिछड़ी व अल्पसंख्यक महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर कोई स्पष्ट प्रविधान नहीं किया है। भाजपा ‘नारी को नारा’ बनाना चाहती है, जिससे केवल दिखावटी सहानुभूति का नाटक रचा जा सके।

विधान सभा में नेता विरोधी दल माता प्रसाद पांडेय ने निंदा प्रस्ताव पारित घोषित किया। सपा प्रमुख ने कहा कि महिला आरक्षण बिल वर्ष 2023 में पारित होकर कानून बन गया है। सरकार चाहे तो अगले चुनाव में लागू कर सकती है, लेकिन भाजपा सरकार महिला आरक्षण लागू नहीं करना चाहती है। विपक्ष के खिलाफ झूठा दुष्प्रचार कर रही है।