मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सितारगंज को दी बड़ी सौगात, सिसौना नदी पर बनेगा आधुनिक पुल
Chief Minister Pushkar Singh Dhami Bestows
सितारगंज : Chief Minister Pushkar Singh Dhami Bestows, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को सितारगंज क्षेत्र के लिए बहुप्रतीक्षित सौगात दी। उन्होंने सितारगंज के शक्तिफार्म को सिडकुल से जोड़ने के लिए सिसौना नदी पर 1140.82 लागत से बनने वाले 150 मीटर स्पान सीसी पुल का कार्य का शुभारंभ किया। इस पुल के निर्माण से क्षेत्र के करीब 50 हजार से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार जिस भी कार्य का शिलान्यास करती है, उसे तय समय में पूर्ण कर उसका लोकार्पण भी करती है। इसीलिए जब हम जनता के बीच जाते हैं, तो पूरी ईमानदारी से अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हैं, कौन-सा काम पूरा हुआ, कौन-सा काम प्रगति पर है और आगे कौन - सा काम भविष्य में करने का हमारा संकल्प है।
साढ़े 11 करोड़ रुपये की लागत
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सितारगंज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लगभग साढ़े 11 करोड़ रुपये की लागत से शक्तिफार्म क्षेत्र को सिडकुल से जोड़ने वाले इस सेतु के निर्माण से सिडकुल सितारगंज में स्थित औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं विकास खंड कार्यालय सिसौना तक पहुंचने के लिए लगभग नौ किलोमीटर कम दूरी तय करनी पड़ेगी।
इससे न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि आवागमन भी अधिक सुगम, सुरक्षित और किफायती हो सकेगा। उन्होंने कहा कि ये सेतु न केवल क्षेत्रवासियों के लिए सुगम आवागमन का माध्यम बनेगा, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में जुटी है। ऊधम सिंह नगर में भी विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हम जहां एक ओर शक्तिफार्म में पीपीपी मॉडल के माध्यम से मिल्क पाउडर, आइसक्रीम और चीज़ निर्माण से संबंधित आधुनिक डेयरी प्रसंस्करण इकाई की स्थापना कर रहे हैं। वहीं, शक्तिफार्म के प्रह्लाद पलसिया में लगभग 54 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क का निर्माण भी करा रहे हैं, जिसका अब तक 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण भी हो चुका है।
उन्होंने कहा कि हमने शक्तिफार्म क्षेत्र के निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएचसी को 30 बेड के सीएचसी में उच्चीकृत करने का कार्य भी किया है। हम सितारगंज और टनकपुर के बीच फोर लेन सड़क के निर्माण की दिशा में तेजी से कार्य कर रहे हैं।
सितारगंज में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आधुनिक ड्रेनेज प्रणाली के निर्माण की दिशा में भी हम काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सितारगंज क्षेत्र में विभिन्न मोटर मार्गों का निर्माण कराने साथ-साथ मल्टी-स्टोरी पार्किंग का निर्माण भी करा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उधम सिंह नगर के ही किच्छा में 351 करोड़ रूपए की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाईअड्डा का निर्माण भी करा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमने जहां एक ओर गदरपुर और खटीमा में बाईपास का निर्माण कार्य कराया है, वहीं खटीमा और किच्छा में बस अड्डों का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, हमने रूद्रपुर, गदरपुर और चकरपुर मे खेल स्टेडियम, बहुउद्देश्यीय हॉल, साइकिलिंग ट्रैक और एथलेटिक्स ट्रैक सहित विभिन्न प्रकार की खेल सुविधाओं का निर्माण कार्य भी कराया है।
उन्होंने कहा कि हमने जहां एक ओर सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में अरोमा पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर और पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की है। वहीं, हम खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की स्थापना के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास को गति देने का प्रयास भी कर रहे हैं।
इसके साथ ही, हम लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से मानूनगर-गदरपुर से दिनेशपुर-मटकोटा होकर सीधे हल्द्वानी को जोड़ने वाले मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य भी करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम जहां एक ओर लगभग 590 करोड़ रुपए की लागत से रूद्रपुर बाईपास निर्माण करा रहे हैं, वहीं, रूद्रपुर को खटीमा-टनकपुर एवं गदरपुर-जसपुर से जोड़ने वाली चार लेन सड़कों का निर्माण भी करा रहे हैं।
गन्ना किसानों की आय में 30 रुपए कुंतल की वृद्धि की
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान करने की ऐतिहासिक कार्य भी किया है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने गन्ना किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य से गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि भी की है। उन्होंने कहा कि विकास के कार्य केवल आपके जनपद में ही नहीं हुए हैं, अपितु आप आज राज्य के जिस भी क्षेत्र में जायेंगे सभी जगह इसी प्रकार व्यापक स्तर पर विकास के कार्य कराए जा रहे हैं।
डेमोग्राफी संरक्षित व सुरक्षित रखने को सरकार संकल्पित
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया है।
वहीं, हम प्रदेश में लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी मानसिकताओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तराई क्षेत्र में कुछ पाखंडी हमारे भोले-भाले सिख एवं आदिवासी भाई-बहनों को डराकर, धमकाकर और झूठे प्रलोभन देकर उनका धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मैं, इस मंच के माध्यम से ऐसे सभी पाखंडियों को स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ये देवभूमि की पवित्र धरा है और यहाँ जिसने भी हमारी आस्था और संस्कृति के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की तो उसे ऐसा सबक सिखाया जायेगा कि उसकी सात पुश्तें भी याद रखेंगी।
उन्होंने कहा कि हमने राज्य में लैंड जिहाद पर सख्त कार्रवाई करते हुए 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। उन्होंने कहा कि मैं, देवभूमि की पवित्र भूमि पर किसी जिहादी को पनपने नहीं दिया जायेगा।
मुल्लावादी मानसिकता को पनपाने वाले केंद्र नहीं बनने देंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की स्थापना भी की है। उन्होंने कहा कि हमने उत्तराखंड में पनप रही विभाजनकारी मानसिकता पर अंकुश लगाने के लिए राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है।
अब उत्तराखंड में संचालित सभी विद्यालयों और मदरसों में सरकारी बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम देवभूमि में मुल्लावादी मानसिकता को पनपाने वाले अलगाववादी केंद्र नहीं, बल्कि ज्ञान और संस्कार के मंदिर स्थापित करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि हमने राज्य में बच्चों को गुमराह करने वाले 250 से अधिक अवैध मदरसों को भी ताला लगाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि हम ऑपरेशन कालनेमि के माध्यम से राज्य में पाखंडियों और विधर्मियों को गिरफ्तार करने का काम कर रहे हैं।
भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बना रहा है हमारा नकल विरोधी कानून
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने ही भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया।
इसी का परिणाम है कि पिछले चार वर्षों में राज्य के 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने के बाद हमने बीते 4 वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया है।
बंगला भाषा को राज्य दर्जा देने की मांग
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि हमने जो भी वादे किए थे उसमें से 95 प्रतिशत वादे पूरे कर दिए हैं शेष भी पूर्ण किए जाएंगे। उन्होंने सितारगंज में 75 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन ऐक्वा पार्क, 65 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन आंचल मल्टी दुग्ध प्लांट स्वीकृत करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने यूसीसी, सख्त नकल विरोधी, धर्मांतरण कानून लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री को बधाई दी। उन्होंने मुख्यमंत्री से बंगला भाषा को राज्य दर्जा देने व पिपलिया गांव के अग्निवीर के परिवार की मदद करने का अनुरोध भी किया।
कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लाक प्रमुख उपकार सिंह बल, दर्जा मंत्री खतीब अहमद,फरजाना बेगम, इकबाल सिंह लाडी, प्रतिभा रावत, मीनाक्षी विश्वास, गोपाल सरकार, दीपिका मालाकार, विनीता विश्वास, तारक मंडल, शंकर गोलदार , जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी, ऋचा सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी व भारी संख्या में जनता मौजूद थी।