मुख्यमंत्री धामी ने यूपीएससी में सफलता प्राप्त करने वाली प्रदेश की बेटियों को दी बधाई

मुख्यमंत्री धामी ने यूपीएससी में सफलता प्राप्त करने वाली प्रदेश की बेटियों को दी बधाई

UPSC Civil Service Exam 2025

UPSC Civil Service Exam 2025

देहरादून: UPSC Civil Service Exam 2025: टिहरी चंबा की रहने वाली मीनल नेगी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 66वीं रैंक हासिल कर जिले और पूरे उत्तराखंड का नाम रोशन किया है. जबकि किच्छा की शांभवी तिवारी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा में 46वीं रैंक हासिल किया है. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दोनों प्रतिभाशाली बेटियों से फोन से बात कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी.

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में उत्तराखंड की बेटियों ने उत्कृष्ट सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है. यूपीएससी परीक्षा में किच्छा की शांभवी तिवारी ने 46वीं और टिहरी गढ़वाल की रहने वाली मीनल नेगी द्वारा 66वीं रैंक हासिल करना अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि है. सीएम धामी ने दोनों प्रतिभाशाली बेटियों से बात कर बधाई व शुभकामनाएं दी. सीएम धामी ने आगे कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है. पूर्ण विश्वास है कि आप दोनों अपनी प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण से देश सेवा के पथ पर नए कीर्तिमान स्थापित करेंगी.

बता दें कि यूपीएससी परीक्षा पास करने वाली 22 वर्षीय मीनल नेगी मूलरूप से जनपद टिहरी के चंबा ब्लॉक के दिवाड़ा गांव की रहने वाली हैं. जबकि वर्तमान में मीनल नेगी का परिवार देहरादून के मयूर विहार में रहता है. मीनल ने वर्ष 2018 में दसवीं की परीक्षा चंबा से 91.4% अंक से उत्तीर्ण की. उसके बाद उनका परिवार देहरादून शिफ्ट हो गया. इंटर डीएवी पब्लिक स्कूल देहरादून से 98%, ग्राफिक एरा देहरादून से बीएससी फिजिक्स ऑनर्स व डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून से एमएससी उत्तीर्ण की.

मीनल नेगी के पिता प्रीतम सिंह नेगी टिहरी के डोबरा में अध्यापक पद पर कार्यरत हैं. जबकि मां गीता नेगी गृहणी है. मीनल का बड़ा भाई सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और छोटा भाई जेईई की तैयारी कर रहा है. संस्कारों में पली-बढ़ी मीनल ने कठिन परिश्रम और अनुशासन के बल पर यूपीएससी की परीक्षा में 66वीं रैंक हासिल कर बड़ी उपलब्धि प्राप्त की है. पहले प्रयास में असफलता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में शानदार सफलता प्राप्त की.