Chautala Alleges Farmer Distress,

किसान-व्यापारी परेशान: अभय चौटाला ने हरियाणा सरकार को घेरा

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Chautala Alleges Farmer Distress,

हिसार की नई अनाज मंडी में इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने प्रेस वार्ता कर हरियाणा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के फैसलों से किसान, व्यापारी और मजदूर तीनों वर्ग प्रभावित हुए हैं, हालांकि इनेलो के दबाव के चलते सरकार को अपने कई फैसले वापस लेने पड़े।

चौटाला ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के 229 कच्चे परचेज सेंटर (फोकल पॉइंट) बंद करने का निर्णय लिया था, जिन्हें पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल ने स्थापित किया था और बाद में ओम प्रकाश चौटाला ने उनका विस्तार किया। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के बंद होने से किसानों को सब-डिविजन स्तर की मंडियों में फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता, जिससे अव्यवस्था और भीड़ बढ़ती।

उन्होंने दावा किया कि किसानों और व्यापारियों के विरोध के बाद इनेलो प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद सरकार को फोकल पॉइंट दोबारा शुरू करने और व्यापारियों के लाइसेंस बहाल करने पड़े। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कई शर्तें अभी भी लागू हैं, जिससे किसानों को परेशानी हो रही है।

मंडियों में तकनीकी खामियों को उठाते हुए चौटाला ने कहा कि सर्वर बार-बार डाउन होने से किसानों को 6 से 8 घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। उन्होंने “मेरी फसल-मेरा ब्यौरा” पोर्टल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार खुद स्पष्ट नहीं है कि कौन सा सिस्टम कब काम करेगा।

कृषि मंत्री के बायोमेट्रिक सिस्टम वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद में घोटाले के आरोप बेबुनियाद हैं, क्योंकि खरीद केंद्र सरकार के माध्यम से होती है और राज्य केवल एजेंसी की भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने गेहूं खरीद का लक्ष्य 80 लाख मीट्रिक टन से घटाकर 72 लाख मीट्रिक टन कर दिया है, जिससे प्रदेश को आर्थिक नुकसान हो सकता है।

चौटाला ने अंत में कहा कि मंडियों में किसानों के ठहरने, खाने-पीने और गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं, जिससे किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।